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Ghaziabad News: कांशीराम आवास योजना में फर्जीवाड़ा, छह फ्लैटों का आवंटन रद्द

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गाजियाबाद। कांशीराम आवास योजना के तहत आवंटित फ्लैट बेचने और उन्हें किराये पर देने का मामला सामने आया है। इस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद बुधवार को छह फ्लैटों का आवंटन रद्द कर दिया गया। साथ ही किराये पर दिए गए करीब 400 फ्लैट चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 150 आवंटियों को नोटिस भेज दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अभी जारी रहेगी।
जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने बताया कि करीब 15 दिन पहले योजना के फ्लैटों में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इसके बाद एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्या को जांच सौंपी गई। जांच में फ्लैट बेचने के मामले सामने आने पर 11 आवंटियों को नोटिस जारी किए गए थे। जवाब नहीं मिलने पर छह फ्लैटों का आवंटन रद्द कर दिया गया है। निरस्त किए गए फ्लैटों को नियमानुसार पात्र लोगों को आवंटित किया जाएगा।
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खाली कराए जा सकते हैं फ्लैट
एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्या ने बताया कि मधुबन बापूधाम, प्रताप विहार समेत अन्य स्थानों पर बने कांशीराम आवास योजना के करीब 1700 फ्लैटों की जांच की जा चुकी है। इसमें कुछ फ्लैटों को बेचे जाने के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा करीब 400 फ्लैट ऐसे मिले हैं, जिनमें मूल आवंटी नहीं रह रहे हैं और उन्होंने फ्लैट किराये पर दे रखे हैं। इन सभी आवंटियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब तक करीब 150 नोटिस संबंधित लोगों तक पहुंच चुके हैं। जल्द ही बाकी आवंटियों को भी नोटिस दिए जाएंगे। जवाब की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

खरीदने वालों पर भी संकट
एडीएम प्रशासन ने बताया कि कांशीराम आवास योजना के तहत आवंटित फ्लैटों को मनमाने तरीके से बेचा नहीं जा सकता। नियमानुसार उनका हस्तांतरण मूल आवंटी के वारिस को ही किया जा सकता है। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने फ्लैटों का लेनदेन पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर किया है। खरीदारों और विक्रेताओं ने नियमों का उल्लंघन किया है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। प्रशासन आवंटियों से भी बातचीत कर रहा है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई का असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है, जिन्होंने मूल आवंटियों से फ्लैट खरीदे हैं। छह फ्लैटों का आवंटन रद्द होने के बाद उनमें रह रहे खरीदारों को भी मकान खाली करना पड़ सकता है। इनमें कुछ लोग ऐसे हैं, जो कई वर्षों से इन फ्लैटों में रह रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी। ऐसे में फ्लैट खरीदने में लगाई गई उनकी रकम भी फंसने का खतरा है।
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किराये के लालच में खुद दूसरे स्थानों पर रह रहे आवंटी
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मूल आवंटी अपने फ्लैटों को किराये पर देकर दूसरे स्थानों पर रह रहे हैं। कुछ फ्लैटों में एक साथ कई लोगों को किराये पर रखे जाने की जानकारी भी मिली है। जांच के दौरान कुछ मूल आवंटी जिले में नहीं मिले। प्रशासन ऐसे फ्लैटों के मामलों में भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दी गई है और वहां से भी जांच शुरू कर दी गई है।
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