गाजियाबाद। साईं उपवन में 25 सितंबर को मृत मिले 72 वर्षीय अमरुद्दीन की बेरहमी से पिटाई करने के बाद गला दबाकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने 13 अक्तूबर को अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
एसीपी नगर कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि इस्लाम नगर निवासी अरशद के मुताबिक, उनके पिता अमरुद्दीन रेलवे में मैकेनिक के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने डेयरी और पशुओं की खल का कारोबार शुरू कर दिया था। 24 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे वह रिश्तेदारों से उधार दिए रुपये लेने घर से निकले थे। शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की। अगले दिन उनका शव हिंडन नदी किनारे स्थित साईं उपवन में पड़ा मिला।
परिजनों ने 12 अक्तूबर को दी तहरीर
अरशद के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके पिता के शरीर पर आठ चोटों के निशान मिले हैं। हाथ पर घिसटने के कारण चोट के निशान भी पाए गए। सिर में गहरा घाव होने के साथ ही रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना बताया गया है। गले पर नाखूनों के निशान मिलने की बात भी सामने आई है। इसी आधार पर उन्होंने 12 अक्तूबर को पुलिस को तहरीर दी। उनका कहना है कि घर में गमी के चलते इतने दिनों तक पुलिस से शिकायत नहीं कर सके।
एटा से नौकरी करने आए थे गाजियाबाद
अमरुद्दीन मूल रूप से एटा जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव नगला हीरा के रहने वाले थे। भारतीय रेलवे में नौकरी लगने के बाद वह परिवार के साथ इस्लाम नगर में रहने लगे थे। उनके चार बेटे और एक बेटी हैं। सभी शादीशुदा हैं। डेयरी और पशुओं की खल के कारोबार के दौरान कई लोगों पर उनका पैसा बकाया हो गया था। परिजनों ने उधार के रुपये के लेनदेन को हत्या की वजह होने की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।