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Ghaziabad News: चार नौकरों ने की थी कारोबारी के घर में 1.05 करोड़ की लूट, तीन गिरफ्तार

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गिरफ्त में लूट के आरोपी।
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गाजियाबाद। कविनगर के ए ब्लाॅक में मंगलवार की रात स्टील कारोबारी रामदास गुप्ता की कोठी में 1.05 करोड़ की लूट चार नौकरों ने की थी। इनमें से एक कारोबारी के यहां दो साल से काम कर रहा चंदन है, जिसे नामजद भी कराया गया था। वह ही मास्टरमाइंड निकला है। वारदात में उसके तीन दोस्त चंदन, ओम प्रकाश और सुनील भी शामिल रहे।
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ओम प्रकाश और सुनील नेहरूनगर में अलग-अलग कोठी में काम करते हैं। चंदन नाम का ही दूसरा नौकर दिल्ली में काम करता है। पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली वाले चंदन को छोड़ बाकी तीन को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
चंदन (20) और ओम प्रकाश (20) बिहार के सुपौल जुले के बरहारा गांव के हैं जबकि सुनील कुमार ( 28) गौंडा के बारहा का निवासी है। ओम प्रकाश और सुनील आपस में जीजा-साले हैं। लूट की पूरी साजिश गिरफ्तार किए गए चंदन ने रची थी।
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उसने पूछताछ में बताया है कि मंगलवार की शाम को उसने तीनों साथियों को कोठी के पास की चाय की दुकान पर बुलाया। अंधेरा होते ही तीनों को कोठी के अंदर दाखिल करा दिया। दिल्ली वाले चंदन और ओम प्रकाश ने कारोबारी और उनकी पत्नी के गले पर चाकू रखकर लूटपाट की।
इस दौरान वह और सुनील कोठी के अंदर ही छिपे रहे। लूट के बाद चारों एक साथ भागे। इसके बाद राजनगर एक्सटेंशन पहुंचे, जहां लूट का माल आपस में बांटा। डीसीपी ने बताया कि लूटी गई 25 लाख की नकदी में 10 लाख 49 हजार 535 रुपये और 80 लाख के गहनों में से 50 लाख कीमत के गहने आरोपियों से बरामद किए गए हैं। इस पर कारोबारी रामदास गुप्ता ने कहा कि पुलिस ने उनकी उम्मीद से भी कम समय में एकदम सही खुलासा किया है।
40 मिनट तक की थी लूटपाट
मंगलवार की रात करीब साढ़े आठ बजे कारोबारी और उनकी पत्नी से लूटपाट की गई। दो बदमाशों ने उनके गले पर चाकू रख दिए थे। उनसे चाबियां ले ली थीं। अलमारियों से नकदी और गहने निकालकर ले गए थे। लूटपाट से पहले ही कोठी के सुरक्षा गार्ड विष्णु को चंदन के कमरे में बंधक बना दिया था। बदमाश लूटपाट के दौरान चंदन का नाम लेते रहे। उससे मोबाइल पर बात भी की। कारोबारी ने एफआईआर में चंदन को नामजद भी कराया था। पुलिस ने पहले उसे पकड़ा। उससे लूट में शामिल तीन और नौकरों के नाम-पते मिले। इनमें से दो पकड़े गए।
चंदन ने इसरार व ओम प्रकाश ने

मुस्तफा के नाम से खरीदे थे सिम
लूट की रकम लेकर नेपाल भागने की फिराक में था मास्टरमाइंड
राजू मलिक
गाजियाबाद। कविनगर में स्टील कारोबारी रामदास गुप्ता की कोठी में 1.05 करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड चंदन बड़ा ही शातिर निकला। उसने लूट की साजिश काफी समय पहले रच ली थी। अपने गांव के ही ओम प्रकाश को लूट के लिए राजी कर लिया था। चंदन को मालूम था कि लूट के बाद पुलिस मोबाइल नंबर के जरिए उस तक पहुंच सकती है। इसलिए, उसने सिमकार्ड फर्जी दस्तावेज से इसरार के नाम से खरीदा। ओम प्रकाश को मुस्तफा के नाम से सिम दिलाया।
चंदन ने बताया कि उसने सोच रखा था कि लूट की रकम मिलने के बाद शादी करेगा और फिर नेपाल चला जाएगा। उसे लगता था कि पुलिस उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगी। ऐसे सोचने के पीछे एक और वजह थी। उसने कारोबारी को अपने घर का पता नहीं बताया था। सिर्फ इतना कहा था कि वह बिहार का रहने वाला है।
वह कारोबारी के पास दो साल पहले काम मांगने आया था। कारोबारी ने रख लिया। उसे पता चला कि ओमप्रकाश उसी के गांव का रहने वाला है। सबसे पहले उसे ही साजिश के बारे में बताया। इसके बाद उसके रिश्तेदार सुनील को शामिल किया और फिर दिल्ली में काम करने वाले चंदन को।
इस पूरे मामले में उसे यह पता नहीं था कि एक-दो बार जब ओम प्रकाश उससे मिलने के लिए आया तो उसे कारोबारी ने न केवल देख लिया था बल्कि यह भी मालूम कर लिया था कि वह नेहरू नगर में काम करता है। घटना के बाद पुलिस सबसे पहले ओम प्रकाश के बारे में जानकारी करने पहुंची। नेहरू नगर से उसके घर का पता मिलने पर उसके गांव गई। वहां जाकर पता चला कि इसी गांव का चंदन कविनगर में काम करता है। पुलिस ने चंदन और ओम प्रकाश के मोबाइल की काल डिटेल भी निकलवा ली। इसके बाद तो कड़ी से कड़ी मिलती गई और खुलासा हो गया।
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