गाजियाबाद। लाल क्वार्टर डूडा कॉलोनी में रहने वाले एक ही परिवार के चार लोग कुट्टू के आटे से बना भोजन खाने के बाद बीमार हो गए। सोमवार तड़के वे एमएमजी अस्पताल पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। शाम को खाद्य सुरक्षा विभाग को मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित दुकान पर कार्रवाई की गई। दुकानदार के पास खाद्य सामग्री बेचने का लाइसेंस नहीं मिलने पर दुकान को सील कर दिया गया। इसके साथ ही कुट्टू की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठान पर भी जाकर जांच की गई।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश मिश्र ने बताया कि अस्पताल से परिवार के चार लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने पर मामले की जांच की गई। हालांकि, उन्हें फूड पॉइजनिंग की शिकायत नहीं मिली। एहतियात के तौर पर लाल क्वार्टर डूडा कॉलोनी में नीरज शर्मा की दुकान पर छापामारी की गई। जांच के दौरान नीरज खाद्य सामग्री बेचने का लाइसेंस नहीं दिखा सके। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया गया। साथ ही 20 किलोग्राम कुट्टू की गिरी और 10 किलोग्राम कुट्टू का आटा जब्त किया गया। जांच के लिए एक नमूना भी लिया गया।
नीरज की जानकारी पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने किराना मंडी स्थित मूलचंद्र एंड ब्रदर्स का भी निरीक्षण किया, लेकिन वहां कुट्टू की बिक्री नहीं हो रही थी। जिले में 8 से 12 अक्तूबर के बीच साबुत कुट्टू के आठ, कुट्टू के आटे के छह, सिंघाड़े के आटे के तीन और साबूदाना का एक नमूना लिया गया है। इसके साथ ही 380 किलोग्राम माल सील किया गया है।
कुट्टू खाने का गलत तरीका भी कर सकता है बीमार
सहायक आयुक्त ने बताया कि कुट्टू का सही तरीके से सेवन न करने के कारण भी लोग बीमार हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि 100 ग्राम कुट्टू में 13 ग्राम प्रोटीन और 10 ग्राम फाइबर होता है। व्रत के दौरान दिनभर कम खाने के कारण लोग पानी भी कम पीते हैं। इसके बाद रात में अधिक मात्रा में कुट्टू खाने से उसे पचाने में परेशानी हो सकती है। पानी की कमी से शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इससे हाथ, पेट और सिर में दर्द के साथ चक्कर आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। उन्होंने सलाह दी कि कुट्टू के साथ दही और तरीदार सब्जी का सेवन करें। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।