गाजियाबाद। वेव सिटी क्षेत्र के गांव सादात नगर इकला में करंट लगने से दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल तरुण नागर की मौत के मामले में चार महीने बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। परिजनों का आरोप है कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन आम के पेड़ के बीच से गुजर रही थी और विभाग की इसी लापरवाही ने तरुण की जान ले ली। एफआईआर दर्ज करने में देरी से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वेव सिटी थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के भाई करण नागर ने एक जुलाई को शिकायत दी थी। आरोप है कि 17 अप्रैल की सुबह करीब पांच बजे छुट्टी पर घर आए कांस्टेबल तरुण नागर रोज की तरह टहलने व व्यायाम के लिए निकले थे। घर से करीब 200 मीटर दूर आम के एक पेड़ की टहनी पकड़ते ही उन्हें जोरदार करंट लग गया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
करण ने शिकायत में ऊर्जा निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने शिकायत पर एक अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।