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Ghaziabad News: सात करोड़ का मिला टर्नओवर, 2,341 लोगों से की धोखाधड़ी

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राहुल सिंघल
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गाजियाबाद। रॉयल फाइन इंडिया निधि लिमिटेड नामक कंपनी खोलकर लोगों से निवेश कराकर धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस को कंपनी के बैंक खाते में सात करोड़ रुपये का टर्नओवर मिला है। जबकि, कंपनी के खाते में 854 रुपये मिले थे। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि कंपनी ने 2,341 लोगों के साथ धोखाधड़ी की है, जिनके रुपये नहीं लौटाए गए हैं। पुलिस इसकी जानकारी करने में जुटी है कि इन लोगों के साथ कितने रुपये की धोखाधड़ी की गई है।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी विदेश भागने के बाद भी कंपनी का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहा था। जहां से लोगों के पास खाते में रुपये जमा होने के मैसेज आ रहे थे लेकिन लोगों से रुपये लेकर उनके खाते में रुपये जमा नहीं किए जा रहे थे। पुलिस को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस ने सॉफ्टवेयर को ब्लॉक कराकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि है कि कंपनी ने 55 लाख रुपये का ऋण लोगों को बांट रखा है।
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एसीपी कोतवाली प्रियाश्री पाल का कहना है कि मामले में टीम जांच में लगी है। फरार आरोपी का तलाश की जा रही है। कुछ आरोपी पूर्व में ही विदेश भाग गए लेकिन जो अभी देश में ही ठिकाने बदल रहे हैं। उनकी तलाश की जा रही है। वे विदेश न भाग सके। इसके लिए लुक आउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया कराई जा रही है।



इनके खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
नसरतपुरा के रहने वाले आकाश यादव की ओर से 20 मार्च को कंपनी मालिक सैय्यद मोहम्मद जफीर मलिक, उसके भाई सैय्यद मोहम्मद अहसान मलिक, प्रबंधक विशाल उपाध्याय, अकाउंट हेड पूजा, समीर सैफी, ललित चौधरी और एएसएम साहिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमा तीन दिन बाद दर्ज हुआ था।
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यह था मामला

सैय्यद मोहम्मद जफीर मलिक ने विजयनगर में रॉयल फाइन इंडिया निधि लिमिटेड नाम से कंपनी बनाकर रेहड़ी-पटरी व मध्यम वर्ग के लोगों के खाते खुलवाकर रुपये निवेश कराए और मुनाफे समेत लौटाने की स्कीम बताई। कंपनी में चार हजार से ज्यादा लोगों ने खाते खुलवाए। मार्च 2024 में कंपनी मालिक समेत कर्मचारी कंपनी बंद करके लोगों के रुपये लौटाए बिना भाग गए।
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