मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि वह किसानों की लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए चाहे जेल भी जाना पड़े तो वह इससे भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने किसानों को फिर से लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहने की बात कही।
मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक मंगलवार को गांव सेगली में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे और यहां पर स्व. सतवीरी देवी की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में बनाए गए द्वार का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
सरकार की नीयत में खोट है। तीन कृषि काले कानून तो वापस हो गए लेकिन एमएसपी को अभी तक लागू नहीं किया गया है। एमएसपी के बगैर किसानों का भला नहीं होने वाला है। चौधरी छोटूराम ने यह जंग छेड़ी थी। ये जंग बिना लड़े नहीं जीती जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को भाकियू नेता राकेश टिकैत ही अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। दिल्ली में किसानों जैसा आंदोलन पूरे देश में नहीं हुआ है। किसानों की एकता से ही तीनों कृषि कानून वापस हुए हैं। मलिक ने कहा कि मैं किसी राजनैतिक दल में शामिल नहीं हो रहा हूं। जहां किसान एकत्रित होंगे में वहीं जाऊंगा।
भाकियू के मेरठ मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने उन्हें बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की तस्वीर भेंट की। इस दौरान जेपी विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान किया। इस दौरान पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व विधायक होशियार सिंह, अर्जुन चौधरी, मनवीर तेवतिया, कपिल चौधरी, लाला प्रधान, वीरपाल सिंह चेयरमैन, नरेंद्र दलाल, पिंटू प्रमुख, डॉ. राजेश गोयल, गगन खुराना, जगवीर सिंह कक्कू और हरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।