संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। इक्विटॉस स्माल फाइनेंस बैंक लिमिटेड में बतौर ब्रांच मैनेजर रहते लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गैंगस्टर राजीव चौहान और उसकी मां सुनीता चौहान व बर्खास्त बैंक कर्मचारी नाजिया अख्तर की हरिद्वार के कांगड़ी स्थित मकान और कार सहित 3.10 करोड़ रुपये की संपत्ति मधुबन बापूधाम पुलिस ने जब्त कर ली है। दो दिन पूर्व ही पुलिस ने नाजिया अख्तर की 2.40 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।
एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि गोविंदपुरम की गौर होम्स सोसायटी निवासी राजीव कुमार चौहान, राजनगर एक्सटेंशन स्थित केएम रेजिडेंसी सोसायटी निवासी उसकी मां सुनीता चौहान और चमन कॉलोनी निवासी नाजिया अख्तर के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई पूर्व में हो चुकी है। बताया कि हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कांकड़ी में राजीव चौहान और उसकी मां सुनीता चौहान के मकान को सोमवार को मधुबन बापूधाम पुलिस ने जब्त कर लिया है।
इसके साथ ही गिरोह की सदस्य नाजिया अख्तर की कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है। तीनों आरोपियों ने अनैतिक कार्यों से संपत्ति अर्जित की थी। जब्त किए गए मकान और कार की कीमत कीमत करीब 3.10 करोड़ रुपये है। बता दें कि रविवार को मधुबन बापूधाम पुलिस ने नाजिया अख्तर की 2.40 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। आरोपी राजीव चौहान के खिलाफ चार, उसकी मां सुनीता चौहान पर दो और नाजिया अख्तर पर धोखाधड़ी के तीन मुकदमे दर्ज हैं।
यह है मामला
2019 में कविनगर थाने में इक्विटॉस स्माल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के प्रतिनिधि सोमेश गंभीर ने राजीव चौहान और नाजिया अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में बताया कि राजीव चौहान इक्विटॉस स्माल फाइनेंस बैंक लिमिटेड में 20 अक्तूबर 2016 से पांच दिसंबर 2018 तक बतौर ब्रांच मैनेजर कार्यरत थे। राजीव चौहान ने मैसर्स शिव शंकर इलेक्ट्रिकल एंड कॉन्ट्रैक्टर के नाम 25 अप्रैल 2018 को 2.50 करोड़ रुपये का सॉल्वेंसी प्रमाणपत्र जारी कर दिया। जबकि इस संस्था के खाते में मात्र छह लाख रुपये थे।
सॉल्वेंसी प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार बैंक मैनेजर को नहीं होता। राजीव चौहान से साजिश कर शंकर इलेक्ट्रिकल्स ने नोएडा में टेंडर प्राप्त कर लिए। आरोप है कि राजीव चौहान ने बैंक के ही कई ग्राहकों को बगैर अनुमति शंकर इलेक्ट्रिकल्स का गारंटर भी बना दिया। इसमें बैंक में कार्यरत कर्मचारी नाजिया अख्तर भी शामिल थी। जिससे बैंक को काफी नुकसान हुआ। वहीं, दूसरे मामले में ऋषभ अग्रवाल ने राजीव चौहान और उसकी मां सुनीता चौहान और नाजिया अख्तर ने हरिद्वार स्थित एक प्रोजेक्ट में रुपये लगाने का झांसा देकर दो करोड़ 22 लाख रुपये हड़प लिए थे।