गाजियाबाद। साहिबाबाद में आढ़त का कारोबार करने वाले मसूरी निवासी योगेंद्र राघव उर्फ पप्पू (62) की आत्महत्या के मामले में परिजन सोमवार को पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ से मिले।
परिजनों ने घटना के चार दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रोष जताया। साथ ही चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग की। पुलिस आयुक्त ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सोमवार को क्षत्रीय समाज के उपाध्यक्ष और कारोबारी नरेंद्र राघव भाई योगेंद्र के परिजनों के साथ पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ से मिले। उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद भी आरोपी दरोगा लालचंद कनोजिया व अन्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नरेंद्र ने कहा कि अभी तक विवेचनाधिकारी ने आरोपियों से पूछताछ तक नहीं की। आरोप लगाया कि मुरादनगर थाने में रहते लालचंद कनोजिया पर एक युवक को बगैर कुसूर पीटने के भी आरोप है। बताया कि आरोपी राशिद, उसके भाइयों और मुनीम अतुल ने योगेंद्र राघव उर्फ पप्पू को धमकी दी थी कि मकान, दुकान या औलाद को बेचकर पैसे देने होंगे।
पुलिस चौकी में जबरन समझौता पत्र पर उनसे हस्ताक्षर कराए गए। पुलिस आयुक्त ने मसूरी एसीपी लिपि नगायच को जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। डीसीपी हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि लिंक रोड चौकी इंचार्ज की संलिप्तता की जांच एसीपी साहिबाबाद को सौंप दी गई है। संवाद