गाजियाबाद। जिले के सात केंद्रों पर बुधवार को साढ़े सात हजार से ज्यादा छात्रों ने स्नातक, परास्नातक के अलग-अलग विषयों की मुख्य व बैक परीक्षा दी। सीसीएसयू के उड़न दस्ते ने परीक्षा केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान शंभूदयाल में 11, एमएमएच मेें तीन छात्र ऐसे मिले, जिन्होंने प्रश्नपत्र पर कुछ प्रश्नों के उत्तर लिख रखे थे। इसके अलावा पांच छात्रों को स्मार्टवॉच बांधकर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। इसकी रिपोर्ट बनाकर उड़न दस्ते ने सीसीएसयू को भेज दी है।
बुधवार को एमएमएच कॉलेज में 3500, लाजपत राय कॉलेज में 1100, शंभूदयाल कॉलेज में 1150 और वीएमएलजी, कुशलपाल तेजपाल, गिन्नी देवी, मुलतानीमल कॉलेज में करीब दो हजार छात्रों ने सामाजिक विज्ञान, राजनीतिक विज्ञान, बीकॉम, एमए व फाउंडेशन विषय की मुख्य व बैक परीक्षा थी। सीसीएसयू के विशेष उड़न दस्ते के प्रमुख डॉ. विनय कुमार चिकारा ने बताया कि शंभूदयाल कॉलेज में 11 और एमएमएच में तीन छात्र ऐसे थे, जो पहले से पर्ची पर उत्तर लिखकर लाए थे और उड़न दस्ते के पहुंचने से पहले ही उन्होंने उत्तर प्रश्नपत्र पर लिखकर पर्ची को फेंक दिया। इन छात्रों को चेतावनी के साथ दूसरे प्रश्नपत्र दिए गए। स्मार्टवाॅच पहनकर परीक्षा दे रहे छात्रों को भी चेतावनी दी गई और स्मार्टवाॅच को बाहर रखवाया गया। वहीं, सैकड़ों छात्राें के मोबाइल फोन परीक्षा कक्ष के बाहर रखे थे, उनके मोबाइलों को भी कॉलेजों के बाहर कराया गया। पूरी स्थिति की रिपोर्ट सीसीएसयू को भेजी गई है।
-हो गया हंगामा : एमएमएच कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को परीक्षा कक्ष ढूंढने में समस्या हुई। उनकी मदद के लिए परिचित और अभिभावक भी परेशान दिखे। उस समय हंगामा हो गया जब अभिभावक व परिचितों को सुरक्षाकर्मी ने रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में खूब कहासुनी हुई। दिवाकर वशिष्ठ, अनुराग आदि छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी मदद के लिए कोई हेल्पडेस्क नहीं है। रोल नंबर के आगे कक्ष स्पष्ट नहीं लिखा है। कई छात्रों का कक्ष संख्या पत्र पर गलत लिखा था, इससे उनकी परीक्षा देने में देरी हुई। इस बारे मेें एमएमएच कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. कुमुदेश कुमार ने बताया कि अचानक से ज्यादा छात्र गेट पर एकत्र होने से गहमागहमी की स्थिति बन गई थी। बाद में सभी छात्रों ने शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा दी।