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Ghaziabad News: विदेशी ब्रांडों के नाम से बेच रहे थे नकली हेल्थ सप्लीमेंट, पांच गिरफ्तार

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गाजियाबाद। अमेरिका, नीदरलैंड, इंडोनेशिया और थाईलैंड के नामी ब्रांडों की पैकिंग में नकली हेल्थ सप्लीमेंट बाजार में बेचे जा रहे थे। लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह नकली सप्लीमेंट और बॉडी बिल्डिंग से जुड़े उत्पाद जिम जाने वाले युवाओं तक पहुंचा रहा था। इसके साथ ही युवाओं को स्टेरॉयड और संदिग्ध एलोपैथिक दवाएं भी बेची जा रही थीं।
पुलिस ने मौके से करीब 50 लाख रुपये कीमत के सप्लीमेंट और एलोपैथिक औषधियां बरामद करने का दावा किया है। प्राथमिक जांच में पुलिस और औषधि विभाग ने इनके नकली होने की बात कही है। मौके से 21 सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जयसवाल ने बताया कि गिरोह दिल्ली और पंजाब से कच्चा माल, प्रिंटिंग लेबल व खाली शीशियां मंगाकर शालीमार गार्डन स्थित 80 फुटा रोड स्थित एक मकान में उत्पाद तैयार कर रहा था। कई दिनों से इसकी सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर मंगलवार रात स्वाट टीम और शालीमार गार्डन थाना पुलिस ने मकान में छापा मारा।
वहां से दिल्ली की पुरानी सीमापुरी निवासी दिलीप पांडेय (39) व वीरभान उर्फ रवि (34), गाजियाबाद के विजयनगर निवासी रोहित बक्शी उर्फ लट्टू (35), हनी कुलश्रेष्ठ (30) व आर्यन (24) को गिरफ्तार किया गया। मकान दिलीप पांडेय का है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली निवासी मोहित और आदिल से कच्चा माल, प्रिंटिंग लेबल व खाली शीशियां खरीदते थे। नकली उत्पादों को ललित शर्मा उर्फ लल्ली, हनी, रोहित उर्फ लट्टू और आर्यन को बेचा जाता था।

न्यूट्रिशन वर्ल्ड और न्यूट्रिशन अड्डा नाम से चलाते हैं दुकानें
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विजयनगर में न्यूट्रिशन वर्ल्ड और न्यूट्रिशन अड्डा नाम से दुकानें चलाते हैं। औषधि निरीक्षक रूद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी अमेरिका, नीदरलैंड, इंडोनेशिया और थाईलैंड के बड़े सप्लीमेंट ब्रांड की पैकिंग में अपने नकली उत्पाद पैक कर बेचते थे। पैकेट पर कंपनियों के नाम के साथ उनके मोनोग्राम का भी इस्तेमाल किया जाता था।

जिम तक पहुंचा रहे थे स्टेरॉयड, जान का भी खतरा
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अलग-अलग प्रकार के स्टेरॉयड मिले हैं। इसके अलावा बॉडी बिल्डिंग में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध उत्पाद भी बरामद हुए हैं। जिम जाने वाले और सेहत के लिए सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने वाले लोग विदेशी ब्रांड के नाम पर इन नकली उत्पादों को खरीद रहे थे। औषधि निरीक्षक ने बताया कि जिम जाने वाले कई युवा जल्द बॉडी बनाने के लिए इस तरह के स्टेरॉयड और दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इनका इस्तेमाल प्रतिबंधित है। डॉक्टर की सलाह के बिना इनके सेवन से लीवर, दिल और किडनी की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। गलत इस्तेमाल जानलेवा भी हो सकता है।

गिरोह में किसकी क्या भूमिका
डीसीपी के अनुसार, रोहित बक्शी, हनी कुलश्रेष्ठ और आर्यन ने बताया कि वे विजयनगर स्थित एक गोदाम में काम करते हैं। यह गोदाम ललित शर्मा का है, जो माल खरीदने और बेचने का काम करता है। हनी ने बताया कि वह ललित शर्मा के सभी काम संभालता है और इसके बदले उसे हिस्सा मिलता है। रोहित बक्शी ने खुद को ललित शर्मा का मामा बताया, वह इस कारोबार में उसका साझेदार भी है। आर्यन ललित शर्मा के अकाउंटेंट का काम देखता है। वह हनी और रोहित के साथ मिलकर गोदाम और दुकान के काम का प्रबंधन करता है।
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आरोपियों से ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली दवाएं, पेप्टाइड्स और पैकिंग सामग्री बरामद की है। इनमें क्लियर-1, क्लियान, एंड्रोलिक, डायनाबॉल, पेप्टिड साइंस के पेप्टाइड्स और स्टेरॉयड होने के संदेह वाली लाल रंग की गोलियां शामिल हैं। इसके अलावा ग्रिनोट, टेस्टोलोन आरएडी, डानाबॉल कैप्सूल और प्राग्मा इंजेक्शन भी मिले हैं। बड़ी संख्या में खाली कार्टन भी बरामद हुए हैं। इनमें क्लियान, अनाड्रोल, जीएचआरपी, डानाडैड, अनागर और डायनाबॉल के कार्टन शामिल हैं। बरामदगी में डाइट सप्लीमेंट और मास गेनर का बड़ा जखीरा भी शामिल है। इनमें मायड्रोल, बल्कजिला, जीएचआरपी-6, डेली मल्टीविटामिन, मसलमास गेनर, एंग्री बल्क, बेयर बल्क, बिगर बाइसेप्स, साइज अप, एमके 677, आईजीएफ-1, एचजीएच एक्स2 और विभिन्न स्टबर्न न्यूट्रिशन उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा कई प्रकार के इंजेक्शन भी बरामद किए गए हैं। इनमें टेस्ट ई-250, ट्रेन ए-100, प्राइमो 100, ट्रेनबोलोन 200, बोल्ड (ईक्यू) 300, विनस्ट्रोल 100, टेस्ट पी 100, सस्टानोन 300, रिपेक्स 225, डेका 300 और मास्टेरॉन 100 जैसे कंपाउंड्स हैं।
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