गाजियाबाद। लंबे से गंगाजल की मांग कर रहे विजयनगर के लोगों का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। घर-घर तक गंगाजल पहुंचाने के लिए 15वें वित्त से स्वीकृत 16 करोड़ के बजट में से करीब साढ़े चार करोड़ की पहली किस्त जारी हो गई है। नगर निगम के जलकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक पेयजल लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि जून के महीने से कुछ इलाकों में गंगाजल आपूर्ति की शुरुआत हो जाएगी।
विजयनगर में 16 वार्डों में करीब आठ लाख लोग रहते हैं। यहां नगर निगम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। स्थानीय लोगों की अक्सर शिकायत रहती है कि निगम से आपूर्ति हो रहे पानी में रेत मिला आता है। गंदे पानी की आपूर्ति की भी शिकायत रहती है। लोगों की शिकायत पर पिछले साल महापौर के निर्देश पर लाइनपार क्षेत्र में गंजाजल की आपर्ति के लिए कार्ययोजना तैयार की गई थी। इसे बोर्ड से भी मंजूरी मिल गई। 16 करोड़ से अधिक की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई। जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता केपी आनंद का कहना है कि 15वें वित्त से बजट भी स्वीकृत हो चुका है। साढ़े चार करोड़ की पहली किस्त जारी हो चुकी है। कार्यदायी संस्था जल निगम को जल्द से जल्द काम शुरू करने के लिए कहा गया है।
गंगाजल प्लांट से 10 एमएलडी की होगी सप्लाई सिद्धार्थ विहार में बने गंगाजल प्लांट से 10 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति लाइनपार क्षेत्र में की जाएगी। विजयनगर में छह भूमिगत जलाशय बने हुए हैं। प्लांट से पेयजल लाइन को इन जलाशयों तक लाए जाएगा। प्लांट से इन जलाशयों में गंगाजल आएगा और यहां से लोगों के घरों में आपूर्ति होगा।
300 फुट नीचे जा चुका है जल स्तर
लाइनपार क्षेत्र में जलदोहन बढ़ने से यहां 300 फुट से नीचे जल स्तर पहुंच गया है। गर्मी शुरू होते ही पानी की मांग और बढ़ जती है। इससे सालों पहले लगे नलकूप पानी के साथ रेत उगल रहे हैं। अक्सर नलकूप खराब होने या गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें नगर निगम में आती हैं। इन समस्याओं का अस्थाई
समाधान कर दिया जाता है। हफ्ते दस दिन में दोबारा ये शिकायतें निगम में पहुंचने लगती है। स्थानीय पार्षद नरेश जाट का कहना है कि डूंडाहेड़ा, शांतिनगर समेत कई इलाकों में कई नलकूप का जलस्तर नीचे चला गया है। इससे लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा के उप चुनाव में भी गंगाजल आपूर्ति की मांग की गई थी।
काम पूरा होने में लगेगा छह महीने का वक्त
अधिशासी अभियंता केपी आनंद का कहना है कि प्लांट से जलाशयों तक पेयजल लाइन बिछाने और गंगाजल की आपूर्ति शुरू करने में कम से कम छह महीने का वक्त लगेगा। हालांकि जून तक कुछ इलाकों में गंगाजल आपूर्ति शुरू हो जाने की उम्मीद है।