गाजियाबाद के एक अस्पताल में मरीज अपनी बारी का इंतजार करते हुए
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अभिषेक ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उनके पिता की नाक से खून निकलना और आंखों में सूजन बढ़ गई। ज्यादा परेशानी होनी पर वह पिता को चिकित्सक के पास लेकर गए। चिकित्सक ने ब्लैक फंगस के लक्षण बताए और राजनगर स्थित हर्ष अस्पताल जाने की सलाह दी।
23 मई को उन्होंने अपने पिता को राजनगर स्थित अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां डॉ. बीपी त्यागी ने म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) और म्यूकर सेप्टिकस (यलो फंगस) दोनों की पुष्टि की। शुरुआत के एक दिन तो उनको उपचार के लिए एंफोरेटेरेसिन के इंजेक्शन मिल गए, लेकिन इसके बाद अस्पताल ने परिजनों को ही इंजेक्शन लाने को बोल दिया।
परिजनों का कहना है कि लाख प्रयास के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिले। इस मामले में एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि शुक्रवार को यलो फंगस से व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। इस बारे में अस्पताल से डिटेल मांगी गई है।
मरीज की जांच करते डॉक्टर
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जिले में ब्लैक फंगस के पांच और यलो फंगस का एक नया मामला सामने आया है। अब जिले में कुल मरीजों की संख्या 68 और येलो फंगस संक्रमितों की संख्या दो हो गई है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मिलाकर ब्लैक फंगस के पांच और यलो फंगस का एक मरीज मिला है।
छह मरीजों का उपचार राजनगर के हर्ष हॉस्पीटल में चल रहा है। अस्पताल के प्रबंधक डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि शुक्रवार को अनिल नाम के व्यक्ति में म्यूकर माइकोसिस और राकेश नाम के व्यक्ति में म्यूकर सेप्टिकस की पुष्टि हुई है।
राकेश को वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल से रेफर किया गया है। बृहस्पतिवार को चार ब्लैक फंगस के मरीज आए थे, जिसमें दो मैक्स अस्पताल रेफर किए गए। इनमें एक मरीज जिला बुलंदशहर और एक इंदिरापुरम क्षेत्र से आया था।
ब्लैक फंगस के मरीज की जांच करते डॉक्टर
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जिले में कोरोना से तीन मौत की पुष्टि की शुक्रवार को की गई है। शासन से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कोरोना के 94 नए संक्रमित मिले हैं। जिले में अब तक 54752 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। इनमें से 52430 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। शुक्रवार को 151 संक्रमित कोरोना मुक्त हुए। जिले में फिलहाल 1957 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। जबकि जिले में 432 मौत कोरोना से अब तक हो चुकी हैं।