गाजियाबाद। अवंतिका कॉलोनी फेज-2 स्थित एसके होम्स अपार्टमेंट में मंगलवार तड़के तीसरी मंजिल पर एक फ्लैट में आग लग गई। हादसे के वक्त कूलर कारोबारी पवन शर्मा, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी फ्लैट में सो रहे थे। पीवीसी सामग्री, फर्नीचर और बिजली के सामान में आग फैलने से कुछ ही मिनटों में पूरा फ्लैट धुएं और लपटों से घिर गया।
इससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। केशव नाम के पड़ोसी ने दमकल विभाग को सूचना दी। इस बीच परिवार जान बचाने के लिए फ्लैट की बालकनी में पहुंच गया। दमकल टीम ने एक्सटेंशन लैडर की मदद से उनको सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, धुएं में दम घुटने से परिवार के तीन पालतू कुत्तों की मौत हो गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल ने बताया कि तड़के करीब 3:09 बजे नगर कोतवाली फायर स्टेशन को आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने से पहले दमकल कर्मियों ने फोन पर ही परिवार से संपर्क कर उन्हें बालकनी में सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी।
करीब 11 मिनट बाद टीम मौके पर पहुंची तो पवन शर्मा (52), उनकी 46 वर्षीय पत्नी, 20 वर्षीय बेटा व 18 वर्षीय बेटी बालकनी में खड़े मिले। दमकलकर्मियों ने एक्सटेंशन लैडर लगाकर चारों को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद हौज पाइप बिछाकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद सहमा परिवार रिश्तेदारों के यहां चला गया है।
नौ मिनट में पांच बार किया फोन, कूदने की थी तैयारी
आग और धुएं के बीच फंसे परिवार ने नौ मिनट के भीतर दमकल विभाग को पांच बार फोन किया। उन्होंने बताया कि मुख्य दरवाजे तक पहुंचना संभव नहीं है। दमकल टीम के अनुसार परिवार आग से बचने के लिए कूदने की तैयारी में था। ऐसे में दमकल कर्मियों ने लगातार फोन पर संपर्क बनाए रखा और उनकी काउंसलिंग करते हुए बालकनी के सुरक्षित कोने में रहने की सलाह दी। टीम के पहुंचने तक परिवार वहीं मौजूद रहा।
मुख्य दरवाजा तोड़कर फ्लैट में घुसी टीम
सीएफओ के अनुसार, इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित कूलर कारोबारी के तीन बेडरूम वाले फ्लैट के दो कमरों में आग फैल चुकी थी। बाहर निकलने के दौरान मुख्य दरवाजा लॉक हो गया था। ऐसे में दमकलकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया और सबसे पहले रसोई व फर्नीचर में लगी आग पर काबू पाया। धुएं का घना गुबार होने के कारण कर्मियों ने मास्क पहनकर बचाव कार्य किया।
तीनों पालतू कुत्तों की नहीं बच सकी जान
सीएफओ ने बताया कि परिवार ने जर्मन शेफर्ड नस्ल के तीन कुत्ते पाल रखे थे। तीनों कुत्ते फ्लैट के अलग-अलग हिस्सों में बेहोश मिले। टीम जब तक आग पर काबू पाकर अंदर पहुंची, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बाद में कुत्तों को दफना दिया गया।
अवंतिका स्थित फ्लैट में आग लगने के बाद जला सामान। संवाद
अवंतिका स्थित फ्लैट में आग लगने के बाद जला सामान। संवाद
अवंतिका स्थित फ्लैट में आग लगने के बाद जला सामान। संवाद
अवंतिका स्थित फ्लैट में आग लगने के बाद जला सामान। संवाद