जीडीए के अवैध खनन कराने पर प्रशासन ने 8.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जीडीए ने कलक्ट्रेट मल्टीलेवल पार्किंग के बेसमेंट खनन पर नोटिस के जवाब में जुर्माना जमा करा दिया है।
सिंचाई विभाग पर भी 1.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सिंचाई विभाग के अफसरों ने अभी तक जुर्माना जमा नहीं कराया है। सिंचाई विभाग ने हिंडन के बराबर में खुदवाई गई कैनाल के लिए खनन की अनुमति नहीं ली थी।
क्षेत्रीय खनन अधिकारी नवीन कुमार दास ने बताया कि जीडीए ने कलक्ट्रेट के बराबर में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया है। निर्माण के दौरान पार्किंग का बेसमेंट खोदने की अनुमति नहीं ली गई।
खनन विभाग ने पाया कि जीडीए ने अवैध खनन कराया है। इसके आधार पर डीएम की ओर से विभाग को नोटिस जारी किया गया। इसके जवाब में जीडीए ने 8.50 लाख रुपये का जुर्माना जमा करा दिया। सिंचाई विभाग ने नोटिस का उत्तर नहीं दिया है। जुर्माना भी जमा नहीं कराया है। सोमवार को नोटिस का रिमाइंडर भिजवाया जाएगा।
2010 के एक्ट के मुताबिक निर्माण कार्यों में हुए खनन के बदले ठेकेदारों से रॉयल्टी काटकर संबंधित विभागों में जमा कराई जाती है। मल्टीलेवल पार्किंग के लिए किसी प्रकार का जुर्माना नहीं जमा कराया है। इस संदर्भ में यदि कोई पूर्व में भुगतान हुआ है तो उसकी जानकारी कराई जाएगी। - एसके द्विवेदी, चीफ इंजीनियर, जीडीए।