नोटबंदी के बाद नए साल में बैंकों की सोमवार से फिर से परीक्षा शुरू होगी। बीते तीन-चार दिन की राहत के बाद सैलरी निकालने के लिए फिर आफत मच सकती है। कैश लिमिट बढ़ा दी गई लेकिन शहर के एटीएम खाली हैं, जिससे लोगों की दिक्कत बढ़ने वाली है।
दिसंबर की तरह जनवरी में भी जरूरी खर्चों के लिए सैलरी निकालने वालों की भीड़ के चलते बैंकों में मारामारी रहने की संभावना जताई जा रही है।दूसरी ओर महानगर के अधिकतर एटीएम में रविवार दोपहर तक कैश खत्म होने के कारण लोगों का नए साल का जश्न भी फीका पड़ गया। लोग कैश के लिए एटीएम के चक्कर काटते नजर आए।
31 दिसंबर की रात को ज्यादातर एटीएम में कैश निकलने के बाद रविवार को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आरडीसी में एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, करुर वैश्य बैंक, कैथलिक सीरियन बैंक, इंडसइंटड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक , एसबीआई, पीएनबी, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अधिकांश एटीएम खाली रहे।
वहीं नवयुग मार्केट में एसबीआई को छोड़कर बाकी एटीएम में कैश नहीं मिला। दोपहर बाद एसबीआई के एटीएम में भी कैश खत्म हो गया। अंबेडकर रोड पर मालीवाड़ा कैनरा बैंक, तुराबनगर के बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कुछ और एटीएम ने लोगों को राहत दी।
शास्त्रीनगर में बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम के शटर ही गिरे रहे। लाइनपार क्षेत्र, जीटी रोड, मेरठ रोड में कुछ एक एटीएम को छोड़कर बाकी में लोगों को कैश नहीं मिला।
- नव वर्ष के पहले दिन एटीएम के बाहर दिखी लंबी लाइन
साहिबाबाद। टीएचए में रविवार को नव वर्ष के पहले दिन एटीएम के बाहर लोगों की लाइनें लगी रहीं। कुछ ही एटीएम में पैसा डाला गया था। अधिकतर एटीएम खाली रहे। लोगों को पैसा निकालने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। बैंकों की छुट्टी होने की वजह से अधिकतर एटीएम खाली रहे।
वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कौशांबी आदि में कुछ प्राइवेट बैंकों ने एटीएम में पैसा डाला तो उनके बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग गई। लोगों को पैसा निकालने के लिए बीस से तीस मिनट तक इंतजार करना पड़ा। दोपहर होते-होते यह एटीएम भी खाली हो गए। लोग पैसा निकालने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।