जिला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि सोमवार को सभी आशा कार्यकर्ताओं के घर पर दवाओं की आपूर्ति कर दी गई है। मंगलवार से इसकी नियमित मॉनीटरिंग भी की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर दवाओं की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से मरीजों को तत्काल राहत मिलेगी और अस्पतालों पर भी अतिरिक्त दबाव कम होगा।
डॉ. राकेश का कहना है कि मानसून में डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इस समय बीस फीसदी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां चिकित्सक की सलाह के बाद ही दवा उपलब्ध हो पाती है। ऐसे में विभाग ने तय किया है कि मरीजों को प्राथमिक स्तर पर इलाज उनके घर के आसपास ही मिल जाए।
इसके तहत हर शहरी आशा कार्यकत्री के घर पर बुखार की दवाएं और ओआरएस पैकेट रखे गए हैं। लोग सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं और दवा प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होगी, जिन्हें मामूली बुखार या कमजोरी के लिए तुरंत दवा की जरूरत होती है।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि शहरी क्षेत्र की सभी 650 आशा कार्यकर्ताओं को आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। मरीजों को उनके घर के पास ही जरूरी दवा मिलने से समय और परेशानी दोनों की बचत होगी। इस कदम से संचारी रोगों के नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
बुखार या कमजोरी होने पर पहुंचे अस्पताल
सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह का तेज बुखार, लगातार कमजोरी या खून की जांच की आवश्यकता होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं और चिकित्सक से परामर्श लें। वहीं, शुरुआती लक्षणों में इलाज के लिए लोग नजदीकी आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।