उजाला इंपैक्ट
खून की कमी और जटिल प्रसव बताकर जीटीबी अस्पताल किया गया था रेफर
रास्ते में ईएमटी ने कराया सुरक्षित प्रसव
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिला महिला अस्पताल से जटिल प्रसव का हवाला देकर रेफर की गई गर्भवती की रास्ते में 102 एंबुलेंस में ही सुरक्षित डिलीवरी हो गई। एंबुलेंस में प्रसव होने की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक प्रसव के समय ड्यूटी पर संबंधित चिकित्सक मौजूद थीं। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से डॉक्टरों ने खड़े किए हाथ, एंबुलेंस में गूंजी किलकारी शीर्षक से प्रकाशित की थी।
रजापुर क्षेत्र के शाहपुर बम्हेटा गांव निवासी वीरेंद्र कुमार की पत्नी प्रियंका को रविवार सुबह करीब साढ़े छह बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने 102 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस से गर्भवती को जिला महिला अस्पताल लाया गया। वीरेंद्र के मुताबिक अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला में खून की अधिक कमी बताते हुए प्रसव को जटिल बताया। करीब साढ़े आठ बजे उसे जीटीबी अस्पताल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में खून चढ़ाने को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद महिला को 102 एंबुलेंस से जीटीबी अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर एंबुलेंस में तैनात ईएमटी अंकित कुमार और चालक संजय ने एंबुलेंस रोक दी। ईएमटी ने सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने पुत्री को जन्म दिया।
प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत स्थिर बताई गई है।
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के समय डॉ. दीप्ति मलिक ड्यूटी पर थीं। मामले में उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।