विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान का दिन यानि लोकतंत्र का पर्व । बात करें गाजियाबाद और इससे सटी सीटों की तो शनिवार को मानों उत्सव सा उल्लास देखने को मिला। शहर सीट के साथ ही साहिबाबाद, लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर में लोगों में बढ़ चढ़ कर मतदान किया।
चुनाव को लेकर गजब उत्साह नजर आ रहा था। आलम ये रहा कि लोग अल सुबह घरों से निकले और सबसे पहले मतदान किया। इसी का नतीजा था कि सुबह नौ बजे तक का वोटिंग प्रतिशत पिछले चुनाव के आंकड़ों को धता बताता दिखा, कमोवेश यही हाल बाकी विधानसभा सीटों का भी रहा। अमर उजाला की टीम ने लोगों के उत्साह और चुनावी रंग का जायजा लिया।
गाजियाबाद: सुबह से ही उत्सव में शामिल हुआ मतदाता
विधानसभा सीट गाजियाबाद में हमेशा बाहरी, ग्रामीण और स्लम इलाके में चुनाव की हलचल दिखती थी, लेकिन ये पहली बार था जब इंग्राहम, कविनगर जैसे पॉश इलाकों के बूथों पर लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
सुबह सात बजे से पहले ही लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचने शुरू हो गए थे। युवाओं के साथ ही बुजुर्गों में भी मतदान के प्रति उत्साह साफ नजर आ रहा था। यही कारण रहा कि पहले चरण में गाजियाबाद सदर सीट पर सबसे ज्यादा साढ़े 13 प्रतिशत मतदान हुआ।
हालांकि इसके बाद कुछ बूथों पर मतदाता कम होते चले गए मतदान का प्रतिशत भी गिरता गया लेकिन इसके बाद भी कुछ पर शाम पांच बजे तक मतदाताओं की कतार लगी रही।
साहिबाबाद: पहले मतदान, बाद में दूजा काम
विधानसभा सीट साहिबाबाद सबसे पॉश इलाका है, दिल्ली से सटा होने की वजह से यहां की लाइफस्टाइल में भी दिल्ली की झलक नजर आती है। यहां सबसे ज्यादा वोटर हैं। यहां मतदान का रंग ऐसा चढ़ा कि बूथों पर चुनाव की धूम मची दिखी।
क्या बिजनेस और क्या नौकरीपेशा सभी घरों से निकले मानों सभी ने मिलकर वोट की चोट का अहसास अब प्रत्याशियों को कराने की ठान ली हो। यहां लोगों ने पहले मतदान किया और बाद में दूजा काम किया। लोकतंत्र का उत्सव पूरे जोश से मनाया गया ।
पुराने साहिबाबाद की तुलना में इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी और खोड़ा में मतदान ज्यादा हुआ। हाईराइज बिल्डिंगों वाली कालोनियों से भी इस बार खासी संख्या में लोग निकले, ऐसे में इन कालोनियों ने वोट प्रतिशत को शाम तक 51.10 फीसदी पर पहुंचा दिया है।
लोनी: वोटरों का उत्साह देखते ही बना
सूबे की मुस्लिम बहुल विधानसभा सीट लोनी है। इस लिहाजा से यहां वोटरों भी जागरूक और एक मुश्त वोट करता आया है, लेकिन ये पहला मौका था जब इन वोटों में सेंध लग गई। सुबह साढ़े छह बजे से ही वोटर उत्साहित दिखाई दिए।
बूथों पर वोटिंग के लिए वोटरों की लंबी कतारें लग गई। युवा वर्ग अपने बुजुर्ग दादा दादी को गोद, कंधों, चारपाई और व्हीलचेयर पर लादे वोट डलवाने को ले जाते दिखाई दिए। मतदाताओं की जागरूकता और वोटरों के रुझान ने यहां पिछले वर्ष के मुकाबले कोई खास कमाल नहीं किया।
पिछले वर्ष कुछ कम मतदान हुआ। यहां का आदर्श मतदाता केंद्र भी चर्चा का विषय बना रहा। बुजुर्गोँ को प्रशासन बग्गी में मतदान केंद्र तक लेकर आया।
मोदीनगर: गांवों में बढ़चढ़ कर हुआ मतदान
विधानसभा सीट मोदीनगर के गांवों में शहर की अपेक्षा गांवों के मतदाताओं ने अधिक उत्साह दिखाया। सुबह सात बजे के पहले ही लोग मतदान केंद्रों पर पहुंच गए थे। यहां मतदान शुरू होने से पहले ही लाइन लग चुकी थी।
कुछ बूथों पर लोगों ने मतदान अधिकारी धीमी गति से मतदान कराने की शिकायत की। जाट बहुल गांव में मतदान बेहतर रहा। अमराला, शाहजहांपुर, भदौला, पतला, भोजपुर, खंजरपुर, गढ़ी गदाना, ईसापुर अच्छा मतदान हुआ। शहर में वोट को लेकर युवाओं को उत्साह रहा। गांव में महिलाओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं के साथ बुजुर्ग भी यहां पहुंचे और अपने मत का प्रयोग किया।
मुरादनगर: पहले थी चाल धीमी, बाद में हुई तेज
विधानसभा सीट मुरादनगर में मतदान की चाल सुबह नौ बजे तक काफी धीमी। बदली छाई होने की वजह से लोग सुबह कम ही घरों से निकले, ज्यादातर बूथ खाली मिले लेकिन 10 बजे के बाद धूप खिलते ही मतदान का प्रतिशत धीरे-धीरे बढ़ने लगा।
युवाओं और महिलाओं में वोट को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बुजुर्गों का भी उत्साह कम नहीं था। अपने बच्चों के साथ बूथों तक वोट डालने के लिए पहुंचे। केएन इंटर कालेज और श्रीहंस इंटर कालेज, जेएलएम गर्ल्स कॉलेज और राजकीय इंटर कालेज में साढ़े नौ बजे तक धीमा मतदान हुआ।
वोट डालने में लोगों को परेशानी न इसके लिए पोलिंग बूथ पर बीएलओ की डयूटी भी लगाई गई थी। युवा हो दिव्यांग या फिर बुजुर्ग सभी में वोट डालने को लेकर उत्साह दिखा।
आयुध निर्माणी राजकीय इंटर कालेज में पहली बार वोट डालने पहुंची एमकॉम की छात्रा निशू, बीएससी की अंशुपाल, एमकॉम की पल्लवी और टीचीटी का कोर्स कर रही अंजली का कहना है कि हमने देश और प्रदेश के विकास के लिए वोट डाला है।