सहारनपुर के गागलहेड़ी के कैलाशपुर गांव निवासी सुभाषचंद्र गांव में किराना की दुकान चलाते थे। उनका बेटे अतुल गाजियाबाद की राजनगर एक्सटेंशन सोसायटी में रहते हैं और नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते हैं। अतुल ने बताया कि उनके पिता सुभाष अहोई अष्टमी त्योहर पर उनसे मिलने के लिए आए थे। वह उनको लेने के लिए नए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो पाया कि उनके पिता की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। उन्होंने साढ़े दस बजे इसकी सूचना एंबुलेंस व पुलिस को सूचना दे दी थी। लेकिन ढाई घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। उनके पिता ने तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया। उनको ट्रैक से उठाकर शव खुद ऊपर रखना पड़ा।
अतुल ने बताया कि उनके पिता को किसी ने सोची समझी योजना के तहत धक्का दिया है। इस बारे में जीआरपी निरीक्षक अनुज मलिक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया है। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि बुजुर्ग ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच में आने से हादसे का शिकार हो गए। आरोपों की आधार भी मामले की जांच शुरू कर दी गई है।