चालक दल के सदस्य की रिहाई के लिए सरकारी हस्तक्षेप की मांग
केतन के पिता के अनुसार, यह जहाज पिछले महीने ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर रोका गया था। इसके बाद, ईरानी अधिकारियों ने केतन और अन्य चालक दल के सदस्यों को हिरासत में ले लिया। पिता ने बताया कि केतन के हिरासत में लिए जाने की खबर सुनने के बाद से उनका परिवार लगातार भय और चिंता में जी रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका बेटा केवल ईमानदारी से आजीविका कमाने की कोशिश कर रहा था और उसने कोई अपराध या कानून का उल्लंघन नहीं किया है।
पिता की भारत सरकार से अपील
मुकेश मेहता ने भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय (एमईए) और शिपिंग के महानिदेशक से तत्काल हस्तक्षेप करने और अपने बेटे और अन्य चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित और शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल राजनयिक कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने इस मामले को मानवीय आधार पर देखने और ईरान के साथ कूटनीतिक संबंधों का उपयोग करके अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का आग्रह किया है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और चालक दल के सदस्यों के अधिकारों पर भी सवाल उठाती है, खासकर जब वे शांतिपूर्ण व्यापारिक गतिविधियों में लगे हों। पिता को उम्मीद है कि सरकार इस संकट की घड़ी में परिवार का साथ देगी और उनके बेटे की सकुशल वापसी सुनिश्चित करेगी।