मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन पांचवें चरण पर बन रहे गोलचक्कर पर उतार चढ़ाव और अन्य कई मांगों को लेकर बीते 18 दिन से बेमियादी धरना दे रहे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए किसानों ने बृहस्पतिवार दोपहर को भोजपुर ब्लॉक में पंचायत की और फिर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का भोजपुर टोल फ्री कराकर धरना दिया। करीब दो घंटे तक टोल फ्री रहा। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को तानाशाह बताते हुए नारेबाजी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारी किसानों को एनएचएआई के आला अधिकारियों से वार्ता कराने का आश्वासन देकर किसी तरह मनाया। इसके बाद किसानों ने धरना स्थगित कर दिया।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन पांचवें चरण में गांव तलहैटा के पास गोल चक्कर बनाया जा रहा। क्षेत्र के किसान गोल चक्कर पर उतार चढ़ाव समेत अन्य कई मांग कर रहे हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले बीते 22 दिसबंर से काम बंद करा अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारी किसानों ने दो बार पंचायत भी की, मगर एनएचएआई का कोई अधिकारी किसानों से मिलने नहीं पहुंचा। इससे किसानों में आक्रोश पैदा हो गया। गुस्साए किसानों ने बृहस्पतिवार को भोजपुर टोल फ्री कराने का एलान कर दिया। पूर्व घोषणानुसार किसान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर बृहस्पतिवार दोपहर भोजपुर ब्लॉक पहुंचे और पंचायत कर रणनीति तय की। पंचायत में भी एनएचएआई का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो उनमें गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसान एनएचएआई के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भोजपुर टोल प्लाजा पहुंच गए और हंगामा काटा। पुलिस ने किसानों को मनाने का प्रयास किया, मगर किसान टोल फ्री करने की जिद पर अड़े रहे। आक्रोशित किसानों ने भोजपुर टोल पर आवाजाही के सभी बैरियर हटा फास्टैग के स्कैनर कपड़े से ढ़क दिए। इसके बाद किसान एक्सप्रेसवे पर उतरने वाली लेन पर धरना देकर बैठ गए। भाकियू जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह और कुलदीप त्यागी ने कहा कि किसान उतार चढ़ाव और सर्विस मार्ग से अवैध मिट़्टी खनन समेत कई मांगों को लेकर बीते 18 दिनों से कड़ाके की ठंड़ में धरना दे रहे है, मगर एनएचएआई के अधिकारी तानाशाह बने बैठे है। उन्होंने किसानों से वार्ता कराना भी उचित नहीं समझा। हंगामा बढ़ने पर भोजपुर के अलावा मोदीनगर व निवाड़ी से भी पुलिस फोर्स बुला लिया गया। तहसीलदार रजत कुमार और नायब तहसीलदार मुकेश शर्मा ने किसानों को समझाने का प्रयास किया मगर वह एनएचएआई के उच्चाधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि जब तक एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से वार्ता नहीं होगी ,तब तक धरना जारी रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की एनएचएआई के अधिकारियों से बात कराई तो उन्होंने धरना स्थगित कर दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द अधिकारियों ने वार्ता नहीं की तो वह भोजपुर के साथ साथ मेरठ के परतापुर टोल को भी फ्री करा देंगे। टोल प्रबंधक मुनदसार ने बताया कि लगभग दो घंटे टोल फ्री रहने से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ।