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किसान आंदोलन के छह माह: आंदोलनकारी आज मना रहे काला दिवस, दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

Wed, 26 May 2021 12:39 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर आज दिल्ली की सीमाओं पर बैठे अन्नदाता काला दिवस मना रहे हैं। छह माह पूरे होने के चलते सभी किसानों से अपने घरों व वाहनों पर काला झंडा लगाने का आह्वान किया गया है, वहीं देशभर के सभी धरनास्थलों पर काली पगड़ी व चुनरी पहनी जा रही है और धरना स्थलों के अलावा गांवों में पीएम का पुतला फूंका जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं का कहना है कि किसानों की मांग मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाना जरूरी है। वहीं काला दिवस मनाने के लिए काफी किसान बॉर्डर पर भी पहुंचे हैं। इन सभी आयोजनों के चलते तमाम धरनास्थलों पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
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किसान आंदोलन काला दिवस:किसान आंदोलन के छह माह पूरे किसान दिखा रहे काले झंडे - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राकेश टिकैत ने किसानों को किया संबोधित
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यूपी गेट पर काला दिवस मनाने के दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंच से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को छह माह पूरे हो गए। यदि छह महीने में भी सरकार किसानों से बात नहीं करती तो इसका मतलब यह है कि आंदोलन लंबा चलेगा। 

उन्होंने कहा कि किसान कभी भी सरकार के पुतले फूंकने में विश्वास नहीं रखता था मगर अब सरकार ने मजबूर कर दिया। काला दिवस के दिन यूपी बॉर्डर पर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में काले झंडे लगाकर विरोध हो रहा है।
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कोरोना वायरस पर सरकार को घेरते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि बीमारी बड़ी है या कानून बड़े हैं। यदि बीमारी बड़ी है तो सरकार कानूनों को रद्द कर किसानों को उनके घर वापस जाने दे। मगर कोरोना तो एक बहाना है जिससे यह कानून बने रहे। देश में लूट  होती रहे। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन लंबा चलाने के लिए भाकियू रणनीति बना रही है।

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने फूंका पुतला
गाजीपुर और गाजियाबाद बॉर्डर पर भी किसानों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका।
 

यूपी गेट पर भी मनाया गया काला दिवस
यूपी गेट पर कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान काला दिवस मना रहे हैं। आंदोलन के छह माह पूरे होने पर सरकार की तरफ से कोई भी निष्कर्ष ना निकलने पर किसानों में गुस्सा भरा हुआ है। बुधवार को यूपी गेट पर आंदोलनकारी किसान  काला दिवस मनाने के साथ-साथ केंद्र सरकार का पुतला जलाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस अधिकारियों ने किसानों से पुतला छीनने का प्रयास किया था, इसी बीच किसान और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी।

दिल्ली में कई जगहों पर पुलिस कर रही वाहनों की चेकिंग
दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा आज मनाए जा रहे काले दिवस को देखते हुए दिल्ली के कई जगहों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ग्रेटर कैलाश के एसएचओ ने बताया, 'हम सभी गाड़ियों की जांच कर रहे हैं, चाहे वो परमिट गाड़ी ही हो क्योंकि कहीं उस गाड़ी में कोई किसान न जा रहा हो।'

टीकरी बॉर्डर पर भी लगाए काले झंडे
टीकरी बॉर्डर पर भी प्रदर्शनरत किसानों ने काले झंडे लगाए  हैं। किसानोंं ने आंदोलन स्थल पर तिरंगा किसान मोर्चा का झंडा और काला झंडा तीनों लगा रखा है।

अमृतसर के छब्बा गांव में लोगों ने घरों में लगाए काले झंडे
अमृतसर के छब्बा गांव में लोगों ने अपने घरों पर कृषि कानून के विरोध में काले झंडे लगाए। यह झंडे आंदोलनरत किसानों के आह्वान पर काला दिवस मनाने के लिए लगाए गए हैं।

हम कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही कर रहे विरोध-प्रदर्शन: राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि हम काले झंडे के साथ ही तिरंगा भी लेकर चल रहे हैं। छह महीने हो गए हैं लेकिन सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। इसलिए किसान काले झंडे रखने को मजबूर हुए हैं। हम सबकुछ शांतिपूर्वक करेंगे। हम कोविड के नियमों का पालन कर रहे हैं। यहां कोई नहीं आ रहा है। लोग जहां हैं वहीं झंडे लगा रहे हैं।
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सिंघु-टीकरी बॉर्डर समेत तमाम सीमाओं पर बढ़ाई सुरक्षा
किसान आंदोलन के छह महीने आज पूरे हो रहे हैं, इसे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। सिंघु, टीकरी, गाजीपुर बॉर्डर समेत तमाम धरनास्थलों पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

 
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