खेत में प्रमोद ने अपनी गुजर बसर के लिए टीन शेड डालकर उसमें दुकान बनाई हुई है। मंगलवार दोपहर जीडीए का दस्ता पुलिस बल के साथ बिना पूर्व सूचना के किसान के डाले हुए टीन शेड आदि को हटाने के लिए वेव सिटी में जा पहुंचा, किसानों को पता चला तो सैकड़ों किसान महिलाओं के साथ अपनी जमीन पर पहुंच गए।
किसानों का कहना था कि उनका खेत वेव सिटी बिल्डर के अधिग्रहण से बाहर है तो बिल्डर हमारी जमीन को जबरदस्ती छीनना चाहता है, मगर हम मर जाएंगे अपनी जमीन ऐसे नहीं देंगे। किसानों व महिलाओं की पुलिस व जीडीए अधिकारियों से काफी नोकझोंक भी हुई, उग्र हुए किसानों ओमपाल यादव, अंकुर व अंकुर की मां संगीता आदि ने अपने ऊपर डीजल डालकर कहा कि हम तो मरेंगे ही, मगर आपको साथ लेकर मरेंगे।
किसानों के आक्रोश के चलते आखिर जीडीए टीम को अपने लाव-लश्कर के साथ बैरंग लौटना पड़ा। किसान नेता टीकम नागर ने कहा कि बिना अधिग्रहण किए व बिना मुआवजा दिए ही बिल्डर किसानों की जमीनों को जबरन इस तरह का दबाव बना कर छीनने का प्रयास कर रहा है, जिसको किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
बिना किसानों की सहमति के जमीन जबरन नहीं कब्जाने देंगे। इस अवसर पर ओमपाल यादव के अलावा अंकुर, संगीता, अनुज चौधरी, प्रमोद चौधरी, अमित चौधरी, आन्नद चौधरी, मोहित त्यागी व गुड्डू मुखिया के अलावा कई दर्जन पुरुष व महिलाएं मौजूद रहीं। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि जीडीए की ओर से कोई शिकायत मिलेगी तो इकट्ठा हुए लोगों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।