संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर नाकाबंदी को सफल बनाने के बाद भाकियू एक बार फिर किसान शक्ति दिखाने की तैयारी में है। रविवार को केरल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान मिलकर संयुक्त रूप से केरल दिवस मनाएंगे। जहां केरल के किसान संबोधन और व्यवस्थाओं की कमान संभालकर तीनों कानूनों के खिलाफ हुंकार भरेंगे।
वहीं रामराज से शुरू हुआ किसान मजदूर जागृति ट्रैक्टर मार्च भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से होता हुआ 27 मार्च को यूपी गेट पहुंचेगा। इसमें चार हजार से अधिक ट्रैक्टर व बाइक पर किसान गाजीपुर पहुंचेंगे। उधर, शनिवार को यूपी गेट पर किसानों ने हल पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि केरल से किसानों का जत्था रविवार को यूपी गेट पहुंचेगा। इन किसानों के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान मिलकर केरल दिवस मनाएंगे। केरल के किसान मंच पर अपना संबोधन करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं के आधार पर किसानों की दशा व दिशा के बारे में जानकारी देंगे।
जगतार सिंह बाजवा के मुताबिक, इसके बाद सोमवार को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं द्वारा मंच का संचालन और आंदोलन की कमान संभाली जाएगी। इसको लेकर शनिवार को किसान पदाधिकारियों ने आगे की रणनीति तैयार की। यूपी गेट पर पहुंचने के बाद जगतार सिंह बाजवा ने नाकाबंदी को सफल बताया।
उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने तीन कानूनों के विरोध में आवाज को मजबूती से उठाया। वहां से अधिकांश किसान यूपी गेट पर लौट आए। इससे आंदोलन स्थल पर किसानों की तादाद बढ़ी हुई नजर आई। कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा के मुताबिक, शनिवार को रामराज से राकेश टिकैत ने किसान मजदूर जागृति ट्रैक्टर मार्च को हरी झंडी दिखाई। जो नजीबाबाद, काशीपुर,दिनेशपुर, सितारगंज से आगे हजूर साहिब गुरुद्वारा, पीलीभीत, गोमती गुरुद्वारा, खंटार, सिद्धनगर और सिंघाई से होकर महेवागंज, हडेला अलीगंज,बनकाफर्म, मैगलगंज और पुवायां से वाया शाहजहांपुर होते हुए बंधरा, फरीदपुर, बहेड़ी, स्वार, मुरादाबाद के बाद गढ़-मुक्तेश्वर होते हुए दिल्ली गाजीपुर आंदोलन स्थल पर आकर 27 मार्च को सम्पन्न होगी।
किसान कमेटी ने तय किया है कि इस ट्रैक्टर मार्च में जनपद से जनपद तक ट्रैक्टर व बाइकों से किसान शामिल होंगे। उधर, यूपी गेट पर 11 किसानों ने रोजाना की तरह 24 घंटे का अनशन रखा। वहीं शाम को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से लौटने के बाद किसानों ने मंच के पास बंधे हल पर काली पट्टी बांधकर तीन कानूनों के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।