गर्मी में पानी पीकर प्यास बुझाता एक युवक।
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बोतलबंद पानी का कारोबार करने वाली कंपनियां अब मापतौल विभाग से पैकेजिंग का रजिस्ट्रेशन भी नहीं ले पाएंगी। एनजीटी के आदेश के बाद अब रेजिडेंशियल एरिया में पानी का दोहन करने वाली फैक्ट्रियों पर तत्काल रोक लग जाएगी। वहीं, एनजीटी के आदेश पर मापतौल विभाग जल्द टीम बनाकर चेकिंग अभियान शुरू करेगा।
जल दोहन पर अंकुश लगाने के एनजीटी के आदेश के बाद हड़कंप मचा हुआ है। आवासीय क्षेत्र समेत फैक्ट्रियां व बोतल बंद कारोबार करने वाली कंपनियों में आदेश के बाद ताला लग सकता है।
मापतौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश प्रजापति ने बताया कि विभाग से अभी तक 20 लीटर बोतल बंद पानी के पैकेजिंग रजिस्ट्रेशन का लाइसेंस किसी को जारी नहीं किया गया। यानी जितनी कंपनियां बाजार में बोतल बंद पानी बेच रही हैं, वह सभी अवैध हैं।
इन कंपनियों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके साथ ही विभाग भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) में पत्र लिखकर सभी कंपनियों की लिस्ट मांगेगा जो बीआईएस में रजिस्टर्ड हैं और बोतल बंद पानी बेच रही हैं। एनजीटी के आदेश को देखते विभाग सभी बातों को ध्यान में रखकर कार्रवाई करेगा।