निकाय चुनाव से पहले वार्डों का आरक्षण तय करने के लिए निगम ने मशक्कत शुरू कर दी है। अब नगर निगम को 21 अप्रैल तक ओबीसी (बैकवर्ड क्लास) कैटेगरी की जनगणना कर आंकड़े जुटाने होंगे। इन्हीं के आधार पर वार्डों को ओबीसी के लिए आरक्षित किया जाएगा।
शासन ने इस जनगणना के लिए नगर निगम को नोडल विभाग बनाया है। निगम ने एक शुक्रवार को ही इस जनगणना के लिए ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी थी। अब इन प्रगणकों को फील्ड में उतारा गया है। नगरायुक्त अब्दुल समद ने बताया कि 21 अप्रैल तक फील्ड सर्वे पूरा कर जगणना का काम पूरा कर लिया जाएगा।
डाटा कलेक्ट कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 27 अप्रैल तक यह डाटा जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा जाना है। उन्होंने बताया कि ओबीसी जनगणना के आधार पर ही इस कैटेगरी के वार्डों का आरक्षण किया जाएगा।
एससी जनगणना का डाटा मौजूद
2011 में हुई जनगणना के दौरान ही सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आबादी के आंकड़े जुटा लिए थे। इन्हीं आंकड़ों को नगर निगम ने वार्डों के परिसीमन में भी इस्तेमाल किया है।
अब वार्डों के आरक्षण में भी इन्हीं आंकड़ों को प्रयोग किया जाएगा। अनुसूचित जाति के लिए 21 वार्ड आरक्षित करने के लिए इस कैटेगरी की आबादी को आधार माना जाएगा।