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महंगी हो गई गिट्टी-रोड़ी...थम गया शहर का विकास

Mon, 08 May 2017 11:20 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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विकास की हकीकत। - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। खनन पर सख्ती और ट्रकों की ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसा तो शहर का विकास ही थम गया। गिट्टी, पत्थर और डस्ट के दामों में भारी बढ़ोतरी हो गई है। इसका असर निर्माण लागत पर पड़ने से ठेकेदारों ने काम बंद कर दिए हैं।
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ऐसे में नगर निगम द्वारा पास किए गए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत के 800 विकास कार्य ठप पड़े हैं। उधर, निगम के अफसरों ने जब काम पूरा करने का दबाव बनाया तो ठेकेदारों ने चीफ इंजीनियर को ज्ञापन देकर काम करने से साफ इनकार कर दिया है।

विकास कार्यों के तहत इंटरलॉकिंग टाइल्स, डेंस सड़क निर्माण, नाले-नालियों के निर्माण के साथ सभी 80 वार्डों के पार्कों की दशा भी सुधारी जानी थी। निकाय चुनाव से पहले निगम अधिकारियों ने मार्च महीने में दो बार में तकरीबन 800 निर्माण कार्यों के टेंडर जारी किए थे। टेंडर जारी कर पार्षदों और जनता को खुश कर दिया लेकिन अब उनकी खुशी और विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगा है क्योंकि निर्माण में लगने वाले मैटेरियल के दाम आसमान छू रहे हैं।
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40 फीसदी तक बढ़ गए रेट
खनन और ट्रकों की ओवरलोडिंग पर रोक की वजह से पत्थर, गिट्टियां और डस्ट के रेट 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं। मैटेरियल सप्लायर राहुल त्यागी का कहना है कि गिट्टियां पहले 90 रुपये क्विंटल मिलती थीं जो अब 140 रुपये क्विंटल मिल रही हैं। मोटा पत्थर पहले 87 रुपये क्विंटल मिलता था, जिसके दाम अब 135 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। डस्ट के दाम भी 25 से 30 फीसदी बढ़ गए हैं।

पार्षदों को सता रहा चुनाव का डर
निगम पार्षदों को एक महीने बाद चुनाव में जनता के बीच जाना है। इसके चलते उन्होंने दिसंबर 2016 में ही प्रत्येक वार्ड में 50-50 लाख के टेंडर जारी करा दिए थे। टेंडर की शर्तों के हिसाब से काम जनवरी 2017 में शुरू होकर अप्रैल में खत्म होना था लेकिन कई स्तर पर काम में देरी होती चली गई।

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता में टेंडर नहीं खोले जा सके और इन्हें होल्ड कर दिया गया। आचार संहिता हटने के बाद 27 मार्च को टेंडर खोले गए, उसके बाद से ठेकेदारों ने काम करने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब पार्षदों को डर सता रहा है कि कहीं काम अधूरे रहने पर वोटर नाराज न हो जाए।

निर्माण कार्य में लगने वाले मैटेरियल के दाम बढ़ने से लागत खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया है। एक-एक ठेकेदार ने करोड़ों के काम लिए हुए हैं। बढ़े दाम पर मैटेरियल खरीदकर काम किया तो ठेकेदार घाटे में चले जाएंगे। रेट सामान्य होने तक काम बंद रहेंगे। चीफ इंजीनियर को ज्ञापन भी दिया गया है। - अजय त्यागी, अध्यक्ष, नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसिएशन

कांट्रेक्टर्स ने निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। उन्होंने ज्ञापन देकर बताया है कि मैटेरियल के दाम बढ़ गए हैं। ठेकेदारों से वार्ता कर जल्द ही काम शुरू कराए जाएंगे। - आरके मित्तल, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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