गाजियाबाद। नौकरी दिलवाने के फर्जीवाड़े मामले में नई जानकारी सामने आ रही हैं। इसमें एक ऐसा भी मामला सामने आया जहां उम्मीदवार के इंटरव्यू में सफल नहीं होने के बाद भी उनकी नौकरी लगने की जानकारी दे दी गई। इसी प्रकार से और भी कई युवाओं ने इस मामले में हेड हेल्ड हाई संस्था के कार्य करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
इस मामले में प्रशासन की ओर से जांच शुरू की गई है। संस्था ने जिन युवाओं को नौकरी दिलवाने के दावे किए हैं, उस पर पूरी रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट सोमवार तक मुख्य विकास अधिकारी को दी जानी है। संस्था के जुलाई और अगस्त में 60 युवाओं को नौकरी दिलवाने के दावे के बाद इस पर सवाल उठ रहे हैं।
भोपुरा के रहने वाले गौरव को संस्था ने एक कंपनी में कार्यरत बताया है। वहीं जब गौरव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास कोई नौकरी नहीं है और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संस्था की तरफ से उनका इंटरव्यू कराया तो गया था, लेकिन कंपनी ने उन्हें चुना ही नहीं। इसके बाद उन्हें किसी दूसरी नौकरी के बारे में बताया भी नहीं गया है।
पहले महीने का आधा वेतन देने को कहा
प्रताप विहार के रहने वाले संदीप ने बताया कि उन्होंने संस्था के माध्यम से ट्रेनिंग ली थी। जहां उन्हें 18 हजार रुपये तक की नौकरी दिलवाने की बात कही गई थी। इसके बाद एक नौकरी का उन्हें मौका दिया गया, वहां वेतन सिर्फ 10 हजार रुपये बताया गया। उसमें भी पहले महीने में 50 फीसदी वेतन ही मिलने की बात थी। उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। हैरानी की बात है कि संस्था ने संदीप को एक फूड कोर्ट में नौकरी दिलवाने का दावा किया है। जबकि संदीप ने इसकी जानकारी होने से इन्कार किया है।
अधिकारियों के साथ हुए है कई कार्यक्रम
हेड हेल्ड हाई की तरफ से करीब सात महीने से यह कार्य किया जा रहा है। इसमें युवाओं को रोजगार से जोड़ने का दावा किया गया है। संस्था पूर्व में अधिकारियों के साथ कई कार्यक्रम और बैठक कर चुकी है। साथ ही यह सभी प्रक्रिया विकास भवन से हो रही थीं। कई युवाओं को भी यहीं बुलाकर प्रशिक्षण की गईं।
कोट
इस मामले में सभी जानकारी जुटाई जा रही हैं। जिन युवाओं को नौकरी दिलवाने का दावा किया गया है। उनसे बात कर इसमें जानकारी ली जाएगी। साथ ही संस्था के पूर्व में किए हुए कार्य की भी जांच होगी।
कुमार सौरभ, मुख्य विकास अधिकारी