गाजियाबाद। एमएमएच कॉलेज की प्रबंध समिति की बहाली के मामले में सीसीएसयू की ओर से गठित की गई जांच समिति के समक्ष दो बार मौका देने के बाद भी निवर्तमान सचिव अभिनव कृष्णा ने अपना पक्ष नहीं रखा है। जबकि, राज्यपाल ने 9 नवंबर को दो माह के अंदर चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने आदेश दिए थे।
मुरादनगर के सुबह फाउंडेशन की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एमएमएच कॉलेज के सचिव अभिनव कृष्णा ने प्रबंध समिति का फर्जी तरीके से पंजीकरण कराया। उन्होंने कलकत्ता में अपनी संस्था का पंजीकरण दिखाया जबकि, वहां उनकी संस्था का पंजीकरण नहीं है। इस संबंध में कलकत्ता से भी जांच कराई गई तो उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका अभिनव कृष्णा की संस्था से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद सीसीएसयू के तत्कालीन वीसी ने 3 जून 2021 को सचिव को निलंबित कर दिया और समिति के सभी अधिकार सीडीओ गाजियाबाद को मिल गए। मामले में अभिनव कृष्णा ने राज्यपाल से शिकायत की थी। राज्यपाल ने सीसीएसयू के वीसी को पत्र लिखकर कहा कि वह चुनाव कराने के लिए दो माह में पर्यवेक्षक नियुक्त करें। सीसीएसयू के वीसी ने तर्क दिया कि अभिनव कृष्ण इस मामले में कोर्ट चले गए थे, जब तक कोर्ट का कोई आदेश नहीं आता तब तक वह इसमें कोई निर्णय नहीं ले सकते। वीसी ने इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति ने दो बार अभिनव कृष्णा को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है, लेकिन वह अपना पक्ष रखने के लिए नहीं पहुंचे। इस बारे में एमएमएच कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान ने बताया कि इस संबंध में वीसी के स्तर पर निर्णय लिया जाना है। मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है, इसलिए कुछ भी कहना उचित नहीं है।