लोनी। गनौली गांव निवासी दूध कारोबारी ओंकार उर्फ ओमन अपहरण से नाराज परिजन ने मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे चिरौड़ी मार्ग पर धरना देकर बैठ गए। देर शाम तक पुलिस अधिकारी परिजन को मनाने के लिए मशक्कत करते रहे, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। देर शाम करीब नौ बजे तक परिजन धरने पर डटे रहे। परिजन ने पुलिस से मांग की कि ओमन को तलाश करके लाएंगे तो ही धरने से उठेंगे। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी अड़े रहे। पुलिस लगातार परिजन को मनाने के लिए मिन्नत करती रही, लेकिन देर शाम तक धरना जारी रहा।
दरअसल, दूध कारोबारी के अपरहण को 100 घंटे से अधिक होने के बावजूद न तो उनका कोई सुराग लगा और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी। इससे नाराज होकर परिजन और ग्रामीण चिरौड़ी मार्ग पर जाकर बैठ गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे से देर शाम तक धरने पर बैठे रहे। परिजन ने कहा कि न तो ओंकार उर्फ ओमन को तलाश किया गया है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कई दिन से लगातार आश्वासन ही आश्वासन मिलता चला आ रहा है। अब वह ओंकार को लिए बिना नहीं जाएंगे।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि 10 टीम ओंकार और आरोपियों की तलाश कर रही है। अनहोनी की आशंका को लेकर पुलिस आसपास की नहर और नदियों में एसडीआरएफ की टीम की भी मदद से सर्च अभियान चला रही है। इस घटना की साजिश के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी की मां मंजू और चाची संतरेश को भी गिरफ्तार किया गया है। उधर, परिजन पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी मानने को तैयार नहीं हुए और धरने पर डटे रहे। खबर लिखे जाने तक परिजन सड़क पर बैठकर ओंकार को तलाश करने की मांग करते रहे। गौरतलब है कि गनौली गांव निवासी दूध कारोबारी ओंकार का अपहरण का आरोप गांव के ही गौरव, सौरभ, मोहित, गोपाल और बादलपुर निवासी गौरव आदि पर है। पुलिस इस मामले में अभी तक साजिश में पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।