गाजियाबाद। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब शहर के सरकारी विभागों, कार्यालय परिसरों, सार्वजनिक पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत जिले में 50 और प्रदेश में पहले चरण के लिए 238 स्थानों को मंजूरी दे दी गई है।
एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ये चार्जिंग स्टेशन उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (यूपीरैव) की ओर से स्थापित और संचालित किए जाएंगे।
इसके लिए संबंधित विभागों को अपनी चिह्नित भूमि के उपयोग का अधिकार यूपीरैव को 10 वर्ष की अवधि के लिए देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन का मूल स्वामित्व संबंधित विभाग के पास ही रहेगा। केवल उसका उपयोग चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए किया जाएगा। यूपीरैव इस जमीन पर स्वयं अथवा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी एजेंसी के माध्यम से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगी।
विभागों की होगी अतिरिक्त कमाई, 1 रुपये प्रति यूनिट मिलेगा शेयर : नीति के तहत, जिस विभाग की जमीन पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित होगा, उसे चार्जिंग में इस्तेमाल होने वाली विद्युत खपत के आधार पर 1 रुपये प्रति यूनिट राजस्व शेयर दिया जाएगा। यह भुगतान मासिक आधार पर होगा। इसके साथ ही यह अनिवार्य किया गया है कि इन चार्जिंग स्टेशनों पर आम जनता के वाहनों के लिए सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे निर्बाध व नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा उपलब्ध रहेगी।