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घंटों लाइन में लगे, नहीं मिला कैश

Tue, 20 Dec 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला गाजियाबाद
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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बैंकोें और एटीएम के बाहर लाइनें हाल फिलहाल कम होती नहीं दिख रहीं हैं। बैंकों की एक दिन की भी छुट्टी होने पर दूसरे दिन भीड़ दो से तीन गुनी हो जाती है। नतीजा बैंकों की क्षमता और लोगों का सब्र दोनों ही जवाब देने लगता है।
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सोमवार का दिन भी इससे कुछ अलग नहीं रहा। बैंकों और एटीएम के बाहर लाइनें लगीं रहीं लेकिन लोगों को कैश नहीं मिला। कैश देर से आया और जल्दी खत्म हो गया। सुबह नौ बजे से ही बैंकों के बाहर लाइनें लग गईं थीं।

कुछ बैंकों में सुबह 11 बजे के बाद कैश पहुंचा तो कुछ बैंकों के पास दोपहर में कैश आया। एसबीआई, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, एचडीएफसी, सिंडिकेट बैंक की ब्रांच में देरी से आया जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ इंडिया में कैश आया ही नहीं।
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बैंक के पास जो कैश मौजूद था, वही बांटा गया, जिसके बांटने में एक घंटे सभी कम वक्त लगा। यहां तक कि ज्यादातर एटीएम भी खाली रहे। नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, सिंडिकेट, कारपोरेशन बैंक, यूनियन बैंक के एटीएम बंद थे। शाम को एक्सिस बैंक के एटीएम में कैश होेने पर लोगों की लाइन लगी थी।
 
- आरटीओ में वाहनों का जुर्माना प्रतिशत गिरा
पुराने नोट बंद होने के बाद आरटीओ में जुर्माने जमा करने का प्रतिशत भी गिर गया है। आरटीओ एके सिंह ने बताया कि कामर्शियल वाहनों पर विभाग कार्रवाई करते हुए उन पर जुर्माना लगाता है। जुर्माना भी 50 से 70 हजार तक लगता है।

इतनी धनराशि बैंकों से एकमुश्त मिल नहीं सकती है। लिहाजा जुर्माने जमा कराने के लिए वाहन स्वामी विभाग के चक्कर लगाता है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं होता है। विभागीय अधिकारी विवश होकर वाहन को विभागीय परिसर या सड़कों पर खड़ा करवा लेते हैं।

जुर्माना कैश में जमा होता है। पुराने नोट बंद हो चुके हैं और नई करेंसी बैंकों के पास है नहीं। ऐसी स्थिति में विभाग का कामकाज काफी प्रभावित हो रहा है।

- रसोई गैस की बिक्री हो रही प्रभावित
गैस एजेंसियों पर 500 के पुराने नोट बंद होने की वजह से एजेंसियों की बिक्री पर भी इसका असर पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक रोजाना जितनी बुकिंग होती है उसके अनुसार डिलीवरी नहीं हो पा रही है। ग्राहकों के पास नई करेंसी कम है। साथ ही अधिकांश एजेंसियों ने स्वाइप मशीन भी नहीं लगाई है, जिसकी वजह से परेशानी है।
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