गाजियाबाद। एमएसएमई के लिए निवेश और टर्नओवर की सीमा बढ़ने के निर्णय से युवा वर्ग संतुष्ट नजर आ रहा है। उच्च शिक्षित तबके की मानें तो इससे नौकरी के प्रति उनकी रूचि कम होगी और वह अपनी उद्यम को शुरू करने पर विचार करेंगे। युवा वर्ग का कहना है कि सरकार को ऋण प्रक्रिया को थोड़ा आसान करने की जरूरत है। खेल खिलाड़ियों को बजट में कुछ बेहतर होने की उम्मीद थी।
युवा अंकुर नेहरा ने बताया कि बजट में एमएसएमई के लिए निवेश और टर्नओवर सीमा बढ़ा दी गई है, उनके क्रेडिट गारंटी कवर को दोगुना कर 10 करोड़ कर दिया है और सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड सीमा बढ़ा दी है। बढ़ी हुई निवेश और टर्नओवर सीमा उन्हें उद्योग को विस्तार करने की अनुमति देगी और इससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने में मदद मिलेगी।
उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे शुभम ने बताया कि आयकर में छूट का दायरा बढ़ने से युवा उद्यमी व नौकरी पेशा को लाभ मिलेगा। अब सरकार को ऐसा प्रयास करना चाहिए, जिससे युवाओं को ऋण आसानी से मिल सके।
युवा खिलाड़ी नमन चौधरी ने बताया कि खेल खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए इस बार भी बजट में कोई योजना नहीं दिखी। यह निराश करने वाला बजट है। इस बिंदु पर कोई चर्चा तक भी नहीं हुई है।
एमएमएच कॉलेज की छात्रा महक कुमारी ने बताया कि मेडिकल की सीटें बढ़ने से छात्र छात्राओं को लाभ होगा। लेकिन इसी तरह खेलों को लेकर भी विशेष प्रावधान होना चाहिए। खिलाड़ियों को ऐसी उम्मीद नहीं थी।