साहिबाबाद। निर्माणाधीन यूपी गेट टू राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड रोड के जुलाई में वसुंधरा तक शुरू होने की संभावना है। यूपी गेट से वसुंधरा तक एलिवेटेड रोड के निर्माण का काम अंतिम चरण में है।
वसुंधरा से राजनगर एक्सटेंशन के बीच रेल लाइन के ऊपर पुल बनाने और रेलवे ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट करने के काम अटका हुआ है, जिसे पूरा करने में समय लग सकता है। उधर, यूपी गेट से वसुंधरा तक रोड की राह में अब कोई रोड़ा नहीं गया है। ऐसे में जुलाई में यूपी गेट से वसुंधरा तक एलिवेटेड रोड को चालू किया जा सकता है।
इसी वर्ष अप्रैल में एलिवेटेड रोड को चालू किया जाना था लेकिन 132 केवी की लाइन की शिफ्टिंग के चलते यह प्रोजेक्ट लेट होता जा रहा है। दो जगहों पर लाइन शिफ्ट हो चुकी है और एक जगह बची हुई लाइन की शिफ्टिंग का काम अगले सप्ताह पूरा होने की उम्मीद है।
एलिवेटेड रोड प्रभारी चक्रेश जैन ने बताया कि अगले चार दिन के अंदर वसुंधरा से यूपी गेट तक रोड बनाने का काम पूरा हो जाएगा। पिलर पर वायाडाक्ट बिछाने वाला लांचर अगले हफ्ते नीचे उतार दिया जाएगा। जून तक इस काम को पूरा कर दिया जाएगा।
वसुंधरा में कनावनी पुलिया के पास एलिवेटेड रोड पर चढ़ने व उतरने वाली लूप लाइन भी जून में बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर ऐसा लगेगा कि वसुंधरा से राजनगर एक्सटेंशन तक रोड निर्माण में ज्यादा समय लग रहा है तो जुलाई में यूपी गेट से वसुंधरा तक के लिए एलिवेटेड रोड को शुरू कर दिया जाएगा।
यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन तक करीब दस किलोमीटर की दूरी में रोड बन रही है। यूपी गेट से वसुंधरा तक की दूरी करीब चार किलोमीटर है। इस दूरी तक रोड के चालू होने से नोएडा और टीएचए के लोगों के लिए दिल्ली जाना और आसान हो जाएगा। इसका फायदा हजारों वाहन चालकों को मिलेगा।
रेल लाइन पर पुल बनाने की अभी नहीं मिली है इजाजत
वसुंधरा से राजनगर एक्सटेंशन के बीच हिंडन बैराज रोड पर रेल लाइन के ऊपर पुल बनाने और अर्थला में रेलवे की ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग का काम फंसा हुआ है। जीडीए पहली बार रेल लाइन के ऊपर पुल बनाने का काम करेगा। इसके लिए एक पखवाड़े पहले जीडीए ने रेलवे को पत्र भेजकर इजाजत मांगी है, जिसकी मंजूरी अभी नहीं मिली है।
असल में, यहां दिल्ली हावड़ा रूट की दो रेल लाइनें हैं, जिस पर करीब ढाई सौ ट्रेनें रोज गुजरती हैं। जीडीए ने पुल बनाने के लिए एक महीने तक प्रतिदिन चार घंटे का ब्लाक मांगा है। यह ब्लाक देना रेलवे के लिए आसान नहीं है।
इसके लिए रेलवे को तैयारी करनी होगी, जिसमें खासा समय लगेगा। उधर, अर्थला में ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग का मामला जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित पड़ा है। लाइन शिफ्टिंग के लिए जिसकी जमीन पर टावर बनना है, उसने मुआवजे की मांग की है।
मुआवजा जिलाधिकारी कार्यालय से तय होगा। बता दें कि मुआवजे को लेकर जमीन मालिक पिछले दिनों कोर्ट चला गया था जहां से मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यह मामला पिछले छह महीने से फंसा पड़ा है।