automobile manufacturers report sharp decline in August sales
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लॉकडाउन के 21 दिन पूरे हो चुके हैं और अभी तीन मई तक बाजारों को खुलने के लिए इंतजार करना होगा। जिले में बाजारों को बंद हुए लगभग 23 दिन हो चुके हैं। इस दौरान गाजियाबाद में सबसे अधिक कूलर इंडस्ट्री प्रभावित हुई है। गाजियाबाद से उत्तर प्रदेशके अलावा अन्य राज्यों में भी इन दिनों कूलर की सप्लाई होती थी। गाजियाबाद कूलर ट्रेड एसोसिएशन, गाजियाबाद-नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन का कहना है कि कूलर के साथ सीजन के अन्य उत्पाद पिटने से इलेक्ट्रॉनिक्स में 750 करोड़ से ऊपर का नुकसान होने की उम्मीद है।
गाजियाबाद में इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल के करीब तीन हजार शोरूम हैं। देश में 24 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ। इससे पहले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू से ही जिले के सभी बाजार बंद हैं। अप्रैल में शादियों के सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल के लिए बेहतर बिक्री का समय होता है लेकिन इस बार इन दोनों क्षेत्रों में कारोबारियों को लाभ नहीं मिला। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में दुपहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री बंद होने से 350 करोड़ से ऊपर के नुकसान का अनुमान बाजार विशेषज्ञ लगा रहे हैं। कारोबारियों का अनुमान है कि सालभर से अधिक बाजारों पर कोरोना का प्रभाव रह सकता है।
कूलर की 100 से अधिक इंडस्ट्री प्रभावित
गाजियाबाद पूरे देश में कूलर उत्पाद के लिए विख्यात है। जिले की करीब 100 कूलर मेन्युफेक्चरिंग इंडस्ट्री इस वक्त कोरोना संकट से 450 करोड़ का नुकसान झेल रही हैं। गाजियाबाद कूलर ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपीचंद प्रधान ने बताया कि गाजियाबाद से हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब सहित देशभर के अलग-अगल राज्यों में कूलर तैयार होकर जाते हैं। करीब 200 ट्रेडर्स इस कारोबार में लगे हुए हैं। जबकि जिले के करीब 1200 कूलर रिटेलर भी सीजन के पिटने से नुकसान में हैं। गाजियाबाद में कूलर निर्माताओं के यहां तैयार कूलर खड़े हैं। गोपीचंद प्रधान ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गर्मी की शुरुआत को देखते हुए कूलर व्यवसाय को आवश्यक वस्तुओं में शामिल करे।
इलेक्ट्रॉनिक्स में 300 करोड़ के पार पहुंचा नुकसान
एयरकंडीशनर, सीलिंग फैन, फ्रिज ये ऐसे उत्पाद हैं जब गर्मियों के सीजन में इनकी जबरदस्त डिमांड रहती है। गाजियाबाद-नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप गर्ग ने बताया कि दीवाली के समय से फरवरी तक एयरकंडीशनर, फैन आदि का स्टॉक किया जाता है। इस बार कंपनियों ने चीन से माल न आने का डर दिखाकर जबरदस्ती ओवर स्टॉक करा दिया। बाजार बंद होने से इलेक्ट्रॉनिक्स में अकेले गाजियाबाद में 300 करोड़ से ऊपर का नुकसान है। व्यापारियों और सीजन संबंधी उत्पादों को देखते हुए रिटेलर्स को होम डिलीवरी की सुविधा दी जाए। लोग ऑनलाइन ऑर्डर करें और सभी सुरक्षा उपायों के साथ गाजियाबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी इसकी डिलीवरी देंगे।
ऑटोमोबाइल सेक्टर भी बुरी तरह से प्रभावित
अप्रैल में शादियों का सीजन रहता है। कोरोना के चलते शादियां रद्द होने से सीजन का लाभ कारोबारियों को नहीं मिला है। इससे पहले नवरात्र में भी वाहनों की बिक्री अच्छी रहती है लेकिन कोरोना बंदी ने बाजार से ग्राहकों को दूर कर दिया। दुपहिया और चार पहिया वाहनों के डीलर्स का कहना है कि एक महीने में दो हजार दुपहिया वाहनों की बिक्री रहती है। लॉकडाउन में बिक्री न होने से करीब गाजियाबाद के ऑटोमोबाइल डीलर्स को 350 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।