गाजियाबाद। इंदिरापुरम निवासी वायुसेना से सेवानिवृत्त रविंदर कौरा (85) और उनकी पत्नी संतोष कौरा (82) को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 15 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने उनके बैंक खाते से मनी लॉड्रिंग होने का दावा कर गिरफ्तारी वारंट और बैंक में फ्रीज कराई गई संपत्ति का ब्योरा भी भेजा। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम की महागुन मेंशन निवासी संतोष कौरा के मुताबिक उनके मोबाइल पर 24 जून 2025 को एक कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम पूजा अग्रवाल और खुद को दूरसंचार विभाग से होना बताया। पूजा अग्रवाल ने संतोष कौरा को बताया कि उनके केनरा बैंक मुंबई वाले खाते से मनी लांड्रिंग की गई है। हालांकि संतोष कौरा ने ऐसा कोई खाता होने से इन्कार किया।
कॉलर ने खाताधारक का नाम नरेश गोयल बताया और उनके मोबाइल और आधार कार्ड खाते से जुड़े होने का दावा किया। बताया कि इस मामले की जांच साइबर अपराध शाखा मुंबई पुलिस कर रही है। उन्होंने कॉल ट्रांसफर की। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल कर मोहित हांडा नाम के युवक ने खुद को मुंबई पुलिस से होना बताया और जांच में सहयोग करने की अपील कर राहुल गुप्ता को वीडियो कॉल से जोड़ा।
राहुल गुप्ता ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। राहुल गुप्ता ने संतोष कौरा को बताया कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, इसके साथ ही गिरफ्तारी वारंट और एक बैंक खाते के फ्रीजिंग आर्डर उनके मोबाइल पर भेजे। झांसा दिया कि सर्वोच्च न्यायालय में मनी लांड्रिंग का मामला पीएमएल में 2002 रिट याचिका दायर होने के दस्तावेज भी भेजे। इससे वह भयभीत हो गईं और अपने पति से सारी बात साझा की। बुजुर्ग दंपत्ती ने साइबर ठगों से मिन्नतें की कि उनका मनी लांड्रिंग से कोई सरोकार नहीं है, उन्हें गलत फंसाया जा रहा है। इसके बाद साइबर ठगों ने उनकी मदद करने का आश्वासन दिया। साथ ही अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करने और अलग-अलग अदालतों से जुड़े खातों में मनी लांड्रिंग की गई धनराशि वापस जमा करने की बात कही। साइबर ठगों के झांसे में आए बुजुर्ग दंपत्ती ने उनके बताए बैंक खातों में 24 जून को 10 लाख और 27 जून 2025 को पांच लाख रुपये रुपये ट्रांसफर कर दिए। एडीसीपी ने बताया कि पीड़ित दंपती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।