गाजियाबाद। मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण में काटे गए नाम फिर से जोड़ देने के कई मामले सामने आए हैं। कविनगर बी-ब्लॉक के निवासियों का कहना है कि ऐसे 15 से 20 लोग हैं, जिनके नाम डुप्लीकेट या स्थानांतरित होने की वजह से सत्यापन के दौरान सूची से काट दिए गए थे। उन्हें दोबारा से जोड़ दिया गया है।
कविनगर डी ब्लॉक निवासी डॉ. एनके धूपड़ ने इसकी शिकायत लिखित में जिलाधिकारी से भी की है, जिसमें उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग भी हैं, जो वर्तमान में निवास कर रहे हैं, लेकिन सूची में उनके नाम के आगे परमानेंटली शिफ्टेड लिखा गया है।
मुरादनगर -54 विधानसभा क्षेत्र में आने वाले कविनगर बी-ब्लॉक के आरडब्ल्यूए सदस्य अमित गुप्ता ने बताया कि मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने बीएलओ की काफी मदद की थी। उसमें मैं भी शामिल था। कई घरों में खुद जाकर सत्यापन कराकर फार्म भरवाया गया था और सत्यापन के बाद जो लोग स्थानांतरित हो चुके थे उनके नाम मतदाता सूची से हटवाए गए थे। उन्होंने बताया कि केबी-83 में दो डुप्लीकेट नाम थे जो सूची से हटाए गए थे, वह जोड़ दिए गए हैं। वहीं केबी 57, केबी-20 में ऐसे किरायेदार जो काफी समय पहले चले गए थे, उनके नाम हटवाए थे, लेकिन उनको रोल बैक कर दिया गया है। उनका कहना है हमने ऐसे 15-20 लोगों की सूची बनाई है। अगर पूरी लिस्ट की जांच करें तो ऐसे सैकड़ों नाम मिल जाएंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद कॉलोनी के लगभग 350 से अधिक नाम कटने वालों की सूची में थे। अब वेबसाइट पर जो सूची जारी की गई है, उसमें ये नाम घटकर लगभग 150 के करीब पहुंच गए हैं। प्रयास करके जिनके नाम हटवाए गए थे, उनके नाम दुबारा से जोड़ दिए गए हैं।
वर्तमान में निवास करने वालों के नाम स्थानांतरित की सूची में
ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एनके धूपड़ ने बताया कि उनके ब्लॉक की सूची में भी काफी गड़बड़ियां हैं। बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम या तो सूची में नहीं जोड़े गए हैं या गलत लोगों के नाम रोल बैक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मयंक चौधरी, आलोक गुप्ता, विवेक तोमर सहित कई नाम ऐसे हैं, जो वर्तमान में कविनगर डी ब्लॉक में रह रहे हैं, लेकिन सूची में उनके नाम के आगे परमानेंटली शिफ्टेड लिखा गया है। वहीं शोभा रानी, सुरेंद्र गुप्ता कुलदीप राज जैसे नाम हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है और फार्म भरकर उनका नाम हटाने के लिए दिया गया था, लेकिन सूची में उनको भी परमानेंटली शिफ्टेड के कॉलम में दिखाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक दो ब्लॉक का हाल है। अगर पूरे जिले की सूची को देखा जाए तो लाखों मतदाताओं के साथ गड़बड़ी दिखाई देगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ भट्ट ने बताया कि सूची में किस प्रकार से और किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है, इसकी जांच की जाएगी। शिकायतकर्ताओं से और बीएलओ से बातचीत करके इसको सुधारा जाएगा।
जिला अधिकारी रविंद्र मांदड़ ने बताया कि सूची में जो भी गड़बड़ियां होंगी, उन्हें सुधारा जाएगा। इसके लिए एक महीने का समय भी दिया गया है, जिसमें लोग दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।