देश के 500 शहरों में शुरू हो चुके स्वच्छता सर्वेक्षण में जनता ने हेल्पलाइन 1969 पर कॉल की तो नगर निगम की पोल खुल जाएगी। शहर में मानकों के अनुरूप न तो पब्लिक व कम्युनिटी टॉयलेट्स की संख्या है और न कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम नगर निगम क्षेत्र में सर्वे करेगी, लेकिन हालात ऐसे ही रहे तो परिणाम का आभास अभी से होने लगा है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की 500 शहरों में होने वाली यह स्वच्छता की ‘परीक्षा’ 2000 अंकों की होगी। 45 फीसदी अंक डॉक्यूमेंटेशन के होंगे। यानी नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभी तक जो योजनाएं लागू की है उनके दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। 30 फीसदी अंक सिटीजन फीड बैक के होंगे।
क्यूसीआई की टीम विभिन्न कालोनियों में जाकर जनता से सफाई, कूड़ा निस्तारण, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट्स की उपलब्धता, खुले में शौच मुक्त शहर बनाने के लिए किए प्रयास, कूड़ा कलेक्शन सेंटर से कचरा उठाने की फ्रीक्वेंसी, डस्टबिन्स की उपलब्धता आदि पर फीडबैक लेगी।
इसके अलावा 25 फीसदी अंक डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन (निरीक्षण) के आधार पर दिए जाएंगे। गाजियाबाद में इन सभी योजनाओं का अभाव है। नगर निगम को 63 स्थानों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण करना है,
लेकिन निर्माण प्रक्रिया इतनी धीमी है कि अभी तक सिर्फ 6 स्थानों (संजय नगर, हिंडन विहार रेत मंडी, वैंबे कालोनी, सिहानी, दीनदयाल पुरी, वसुंधरा एमिटी स्क्ूल के पास) ही इनका निर्माण पूरा हो पाया है। सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण सिर्फ दो जगह पूरा हो पाया है।
ऐसे में नगर निगम मानकों के मुताबिक शहर में टॉयलेट्स भी नहीं दे पाया है। गाजियाबाद सहित प्रदेश के 62 शहरों में सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। इनमें 14 शहरों में सर्वेक्षण हो चुका है, गाजियाबाद समेत अन्य 48 शहरों में यह काम 2 फरवरी तक पूरा करना है।
इसके बाद सर्वेक्षण रिपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा गठित ‘क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया’(क्यूसीआई) को भेजी जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान देखा जाएगा कि शहरों में कूड़ा कलेक्शन से लेकर निस्तारण तक की प्रक्रिया का पालन ‘मैनेजमेंट ऑफ सॉलिड वेस्ट रूल्स-2016’ (एमएसडब्ल्यू) के तहत हो रहा है या नहीं।
गाजियाबाद में क्यूसीआई की टीम 27 से 29 जनवरी तक सर्वेक्षण करेगी। स्वच्छता के क्षेत्र में निगम बेहतर प्रयास कर रहा है। कूड़ा लिफ्टिंग, नाले सफाई आदि के लिए नए वाहन खरीदे गए हैं।
पब्लिक और कम्युनिटी टॉयलेट्स का निर्माण भी जल्द ही पूरा हो जाएगा। एक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू करा दिया गया है। - डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त