अब इलाज के अभाव में बीमार व घायल नंदी की मौत नहीं होगी। नगर निगम ने इसके लिए नंदी पार्क में एक प्राइवेट डॉक्टर की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है।
यह डॉक्टर नंदी पार्क और शहर में कहीं पर भी पशुओं के घायल होने की सूचना के बाद मौके पर जाकर इलाज करेगा। बृहस्पतिवार को अमर उजाला में प्रकाशित नंदी पार्क की बदहाली की खबर के बाद शुक्रवार को मेयर और नगर आयुक्त ने निरीक्षण कर यह जानकारी दी।
शुक्रवार सुबह 11.30 बजे नंदी पार्क का निरीक्षण करने पहुंचे मेयर अशु वर्मा और नगर आयुक्त अब्दुल समद ने नंदी पार्क का हाल जाना। उन्होंने वहां तैनात निगम के कर्मचारी से नंदी पार्क की समस्याओं के बारे में जानकारी की।
मेयर अशु वर्मा ने वहां भूसा और चारा रखने के लिए टीन शेड बनाए जाने, पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था करने के लिए टेंडर जारी करने, बाउंडरी वॉल को दुरुस्त कराने और तीन इंच की स्लैब लगवाने, खड़ंजा लगवाए जाने और सौ से ज्यादा पीपल व पिलखन के पेड़ लगाने के निर्देश दिए हैं।
मेयर अशु वर्मा ने नंदी पार्क में सफाई, पानी, चारा और सोडियम लाइट लगाए जाने और चोकर रखने वाली जगह पर लगा टूटा शटर जल्द ठीक कराने को भी कहा है।
चार बार पशु तस्कर तोड़ चुके हैं दीवार
निरीक्षण के दौरान नंदी पार्क में तैनात कर्मचारी ने मेयर को बताया कि पशु तस्करों ने नंदी पार्क के किनारे की दीवार तोड़कर कई बार पशु चोरी कर ले जा चुके हैं।
नंदी के लिए काम कर रही एनजीओ को हटाया जाएगा
नंदी पार्क के लिए काम कर रही एनजीओ को दो साल से वेतन का भुगतान नगर निगम की ओर से नहीं किया गया है। बावजूद इसके एनजीओ दो साल से अपनी सेवाएं दे रही है। सूत्रों की मानें तो एनजीओ पर पशु तस्करों के साथ मिले होने का भी आरोप है। मेयर अशु वर्मा ने तत्काल एनजीओ को हटाने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम के अधिकारियों को नंदी पार्क की व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही एनजीओ को भी हटाने को कहा गया है। जल्द ही नंदी पार्क की व्यवस्था में सुधार दिखने लगेगा। - अशु वर्मा, महापौर नगर निगम गाजियाबाद।