गाजियाबाद। एक कॉलर ने 746 बार डॉयल 112 पर कॉल की। खुद को विपरीत परिस्थितियों में फंसा होने की सूचना दी गई। पीआरवी की जवाबी रिपोर्ट में सूचनाएं झूठी और काल्पनिक होने की बात कही गई। पता चला कि महिला तांत्रिक क्रियाओं पर विश्वास करती है। उसने भूत प्रेत के डर में 36 घंटे में की पुलिस को 155 बार कॉल की।
इससे पहले गौतमबुद्घनगर पुलिस को भी छका चुकी है। दादरी में रहने के दौरान युवक समीर नाम के युवक ने इस महिला को फोन और अपनी आईडी पर सिम दिया था।
ग्रामीण जोन स्थित निवाड़ी थाना क्षेत्र के गांव कुम्हैडा निवासी समीर ने नवंबर माह में डॉयल 112 को 746 बार कॉल किया। अधिकांश कॉल पर पुलिस पहुंची। महिला पांच अलग-अलग नाम बताकर डॉयल 112 पर कॉल करती है। कॉलर ने पीआरवी को सूचना दी कि उसका सात वर्षीय बेटा लापता हो गया है और अपहरण कर लिया गया है। पीआरवी मौके पर पहुंची तो बच्चा घर पर ही मिला।
पड़ोसियों पर खंभे से पशु बांधना, उनके बच्चों पर शोर मचाने का आरोप लगाना, घर में बदमाश होने की सूचना देना आदि कॉल की गई। बताया कि कॉल की कि किसी ने जादू-टोना करके उसके नल का पानी बंद कर दिया। पुलिस ने उसका नल की मरम्मत कराई और बिजली के दो एलईडी बल्ब भी लगवाए। रात 11 बजे कॉल की कि वह गेट बंद करके सोई थी लेकिन एक साया आया और कुंदी खोल गया। पीआरवी मौके पर पहुंची तो पता चला कि बरसात में भीगा धान काला पड़ गया था। एक बार हद ही हो गई जब पीड़िता थाने पहुंची और तमिलनाडु से कुछ लोग घर में घुसने और मारपीट करने का आरोप लगाया। पुलिस ने जांच की तो कुछ नहीं निकला।