गाजियाबाद। नए बस अड्डे के पास निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर के निर्माण में बाधक बने 61 पेड़ों को काटने के बाद अब खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही पिलर्स बनाने का काम शुरू होगा। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि अगस्त 2017 तक ग्रेट सेपरेटर पर वाहन दौड़ने लगेंगे।
इससे मेरठ तिराहे पर वाहनों का मूवमेंट आसान हो जाएगा। 16 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे ग्रेड सेपरेटर के निर्माण में साईं उपवन के 61 पेड़ बाधक बने हुए थे। इन्हें काटने की अनुमति वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से ली जानी थी।
इस चक्कर में लगभग एक साल से निर्माण रुका हुआ था। अब एनओसी मिलने पर सभी पेड़ काट दिए गए हैं। अब तक कुल 400 मीटर लंबे ग्रेड सेपरेटर में से 268 मीटर का हिस्सा बनकर तैयार है।
शेष 132 मीटर का निर्माण कार्य लटका हुआ था, जिस पर पेड़ काटे जाने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। जीडीए के चीफ इंजीनियर एससी द्विवेदी ने बताया कि पिलर्स निर्माण के लिए खुदाई कराई जा रही है। उम्मीद है कि तीन महीने में निर्माण पूरा हो जाएगा और अगस्त से इस पर वाहन दौड़ने शुरू हो जाएंगे।
ग्रेड सेपरेटर बनने पर ट्रैफिक होगा स्मूद
अभी गाजियाबाद से मोहन नगर की ओर जाने वाला ट्रैफिक और नई लिंक रोड पर एनएच-24 से एनएच-58 पर आने-जाने वाला ट्रैफिक मेरठ तिराहे पर फंस जाता है। ऐसे में लिंक रोड से आने वाले वाहनों को हिंडन नदी की ओर भेजा जाता है और यहां से यू-टर्न लेकर ट्रैफिक गाजियाबाद या मेरठ की ओर जाता है।
ग्रेड सेपरेटर इन दोनों मार्गों के ट्रैफिक को अलग करने के लिए बनाया जा रहा है। इसके बन जाने पर गाजियाबाद से मोहन नगर जाने वाला ट्रैफिक ग्रेड सेपरेटर के जरिए ऊपर से गुजर जाएगा और एनएच-24 से 58 पर जाने वाला ट्रैफिक भी सीधा जा सकेगा।