इंदिरापुरम। विधायक कॉलोनी के पास हिमालय टावर में रहने वाले श्रमिक सद्दाम की बेटी रोजीदा (4) को एक तेज रफ्तार कार चालक ने कुचल दिया। घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे तब हुई, जब बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। हादसे के बाद आसपास के लोग व परिजन तुरंत पास के ही निजी अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस केस बताते हुए भर्ती करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद बच्ची को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। यहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
बच्ची की मामी शायरा खातून ने बताया कि उनकी भांजी घर के बाहर गली में खेल रही थी। तभी कोई व्यक्ति उसे कार से रौंदते हुए भाग गया। कार के पहिए से बच्ची का पेट कुचल गया। शोर सुनकर वह घर से बाहर निकलीं और बाकी लोगों को बुलाया। सायरा ने बताया कि डॉक्टरों ने रोजिदा की आंतें बुरी तरह से चिपक जाने और हालत गंभीर होने की बात कही है। परिजनों ने बताया कि इलाज में अब तक 25 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं। वहीं, सायरा ने बताया कि घर के बाहर लोग अपनी-अपनी गाड़ियां पार्क कर देते हैं। ऐसे में अवैध पार्किंग की आशंका भी जताई जा रही है।
लिखकर ले गए नाम-पता नहीं लौटे दोबारा
सायरा ने बताया कि उन्होंने पुलिस को फोन किया, तब कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। पूरी जानकारी उन्हें दी और कर्मियों ने बच्ची व परिजनों का पूरा नाम, पता, नंबर आदि जानकारी डायरी में लिखी और अगले दिन (मंगलवार) सुबह सात बजे दोबारा आने और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की बात कही। 11 बजे तक भी जब पुलिस घर नहीं आई तो वह खुद दोबारा थाने गए। थाने पहुंचने पर वहां मिले पुलिसवालों ने फिर से वही कहा कि बड़े साहब नहीं हैं, जब वह आएंगे तब आपके मामले में कोई कार्रवाई होगी। जिसके बाद सायरा वापस लौट आईं।
अस्पताल प्रबंधन की अमानवीयता
जब खून से लथपथ रोशिदा को वहां ले जाया गया तो पुलिस केस बताते हुए भर्ती करना तो दूर, मौजूदा प्रबंधन ने प्राथमिक उपचार करना भी जरूरी नहीं समझा। इस पर शहर के कई लोगों ने नाराजगी जाहिर कर इसे अमानवीय बताया है।
वर्जन
सूचना मिलते ही पुलिस उनके पास मदद के लिए पहुंच गई थी। परिजनों से तहरीर लेकर उसके आधार पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से कार को ट्रेस करने का प्रयास भी किया जा रहा है। अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम