अभियोजन के अनुसार, नौ अप्रैल 2001 को पप्पू अपने मामा उमेश प्रसाद और मामी रेनू देवी के साथ बस संख्या UP-14-J-6919 से नोएडा से बहरामपुर लौट रहा था। हिंडन नदी के पास ग्रीन होटल के सामने तीनों बस से उतर रहे थे। उमेश और रेनू के उतरने के बाद पप्पू बस से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान बस चालक ने बस चला दी। पप्पू सड़क पर गिर गया और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर चढ़ गया। गंभीर रूप से घायल पप्पू को एमएमजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले में रेनू देवी की तहरीर पर सत्येंद्र के खिलाफ विजय नगर थाने में धारा 279 और 304ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने उमेश प्रसाद, रेनू देवी और सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल रामकिशन को गवाह के रूप में पेश किया। कोर्ट ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को अहम माना।