सुनवाई के दौरान तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक संसार सिंह ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान 50 से अधिक आरोपी भी अदालत में पेश हुए। विशेष न्यायाधीश भारत सिंह यादव ने मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त तय की है।
सीबीआई के अनुसार, दो जून 2016 को मथुरा के जवाहर बाग से अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। हिंसक झड़प में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और थाना प्रभारी संतोष यादव समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग, आगजनी और देसी बमों से हमला किया था।
जांच में सामने आया था कि खुद को ''''स्वाधीन भारत सुभाष सेना'''' बताने वाले समूह के सैकड़ों लोगों ने लंबे समय से जवाहर बाग पर अवैध कब्जा कर रखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने करीब 800 पृष्ठ का आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें रामवृक्ष यादव, चंदन बोस समेत 90 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें रामवृक्ष यादव की घटना के दौरान ही मौत हो चुकी है।