गाजियाबाद। शादी समारोहों और शुभ कार्यों के आयोजन से पहले स्वास्थ्य विभाग ने बैंक्विट हॉलों और अन्य आयोजन स्थलों पर इस्तेमाल होने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने का निर्णय लिया है। यह अभियान जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की योजना है।
विभाग का कहना है कि यदि पानी मानक के अनुसार नहीं पाया गया, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले वैशाली के बैंक्वेट हाल में गंदगी और दूषित पानी मिलने से यह अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है।
जनस्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि 31 जनवरी से शादी समारोहों का आयोजन फिर से शुरू हो रहा है। ऐसे में इस अभियान की शुरुआत की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का यह कदम खास तौर पर जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए उठाया गया है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि दूषित पानी से फूड प्वाइजनिंग, डायरिया, पीलिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरे का कारण बन सकती हैं।
अभियान के दौरान बैंक्विट हॉल्स, सोसायटियों, आरओ प्लांट्स और घरों में इस्तेमाल होने वाले पानी के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि पानी पीने योग्य नहीं पाया गया, तो संबंधित जगह के संचालक या जिम्मेदार व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाएगा।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि टीम पेयजल में बैक्टीरिया की मात्रा, घुले हुए ठोस पदार्थ (टीडीएस) और अन्य मानकों की जांच करेगी। वहीं, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग पानी पीने के लिए उसे सीधे न छुएं और हमेशा स्वच्छता का ध्यान रखें।