पिता शुभम गुप्ता ने बताया कि तेज बारिश के कारण मेरी पत्नी नीलम एच-ब्लॉक स्कूल से दो छोटे (3.5 वर्ष की बिटिया और 2 वर्ष बेटा) बच्चों को लेकर ई-ब्लॉक बेसमेंट के रास्ते घर आ रही थी। तभी वहां चार लावारिस कुत्तों ने उन पर एक साथ हमला कर दिया। पत्नी छोटे बच्चे को बचाने की कोशिश करने लगी, तभी कुत्तों ने मेरी साढ़े तीन साल की बेटी अपूर्वा का स्कूल बैग खींच लिया, जिससे वह गिर गई।
इसके बाद कुत्तों ने उसके कान पर काट लिया और उसके हाथ में भी गंभीर चोटें आईं हैं। चीख-पुकार सुनकर गाड़ी पार्क कर रहे एक दंपति ने उनकी आवाज सुनी और तुरंत आकर कुत्तों को भगाया। शोर सुनकर गार्ड, मेंटेनेंस विभाग की टीम और अन्य निवासी भी आ गए। बेटी को हम पास के निजी अस्पताल ले गए। जहां उसे एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाने के साथ इलाज किया गया कान पर चार टांके आए हैं।
इलाज के बाद बच्ची को शाम को अस्पताल से छोड़ दिया गया। हादसे के बाद बच्चे काफी डरे हुए हैं। शुभम का कहना है कि बाकी किसी को चोट नहीं आई है। इस संबंध में मेंटेनेंस इंचार्ज हर्ष कुमार का कहना है कि हमारी सोसायटी में करीब 40 लावारिस कुत्ते हैं। यह इससे पहले भी कई लोगों पर हमले कर चुके हैं। निगम में कम से कम 50 बार शिकायत की गई, लेकिन वह नसबंदी या टीकाकरण के बाद यहीं छोड़ जाते हैं।
कई बार एनजीओ से भी शिकायत की, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। इस घटना के बाद फिर शिकायत की गई और आक्रामक कुत्तों से यहां से पकड़कर ले जाने की अपील की गई है। निवासी एमके अग्रवाल का कहना है कि यहां 975 फ्लैट हैं। जिनमें करीब साढ़े तीन हजार से अधिक लोग रहते हैं। इस घटना के बाद सभी बच्चों और बुजुर्गों को लेकर चिंतिंत हैं।