लाइनपार के 14 वार्डों में अगले साल तक पानी की किल्लत दूर हो जाएगी। हालांकि क्षेत्र के लोगों को इस बार भी गर्मी पानी की किल्लत में बितानी पड़ेगी। जल निगम ने पानी के संकट से जूझ रहे शहर के 14 वार्डों में रहने वाले लोगों के लिए वाटर स्कीम तो बनाई है, लेकिन इस योजना पर गर्मी के बाद ही काम शुरू हो सकेगा।
गाजियाबाद की 17 कालोनियों की प्यास बुझाने के लिए वाटर सप्लाई योजना बनाई गई। 48 ट्यूबवेलों और 6 ओवरहेड टैंक वाली इस वाटर सप्लाई स्कीम को प्रदेश स्तर की पीडीएमसी (प्रोजेक्ट डेवलपमेंट मानीटरिंग कमेटी) से सहमति मिल गई।
अब उच्चाधिकारियों की दो कमेटी इस प्रोजेक्ट को मानकों पर परखेगी। यहां से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। 133.55 करोड़ की लागत वाली इस वाटर सप्लाई स्कीम की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जल निगम ने बनायी है।
प्रदेश और केंद्र सरकार की सहमति के बाद निर्माण कार्य भी जल निगम करेगा। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद नगर निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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जमीन देगा नगर निगम
पानी की इस योजना में ओवरहेड टैंक, सीडब्ल्यूआर (क्लीयर वाटर रिजर्वायर), ट्यूबवेल लगाने और पंप हाउस बनाने के लिए नगर निगम जमीन देगा। जल निगम के प्रस्ताव पर नगर निगम ने सहमति पत्र दे दिया है।
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इन कालोनियों को मिलेगा पानी
अकबरपुर-बहरामपुर, शांति नगर, डूंडाहेड़ा, अंबेडकर नगर, भीमनगर, विजयनगर सेक्टर-9, शिवपुरी, ओल्ड विजयनगर, सुंदरपुरी, माधोपुरा, माता कालोनी, सर्वोदय नगर, प्रताप विहार, मिर्जापुर, विजयनगर सेक्टर-11, कैलाश नगर
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यह संसाधन जुटाए जाएंगे
48 ट्यूबवेल, 6 ओवरहेड टैंक, 10 क्लीयर वाटर रिजर्वायर, 164 किलोमीटर लंबी पानी वितरण लाइन, 31 किलोमीटर राइजिंग मेन लाइन
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कोट
वाटर सप्लाई स्कीम की डीपीआर में कुछ बिंदुओं पर शासन की ओर से आपत्तियां लगाई गई थीं। इन्हें दूर कर दोबारा डीपीआर सबमिट की गई। इसे प्रोजेक्ट डेवलपमेंट मानीटरिंग कमेटी से सहमति मिल गई है। अब दो चरण और पार करने के बाद योजना पर काम शुरू किया जाएगा। - पीके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम