मल्टीस्टोरी महिला अस्पताल की लिफ्ट का संचालन फिर से बंद हो गया है। लिफ्टमैन के न होने के कारण अस्पताल की लिफ्ट बंद पड़ी है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। यह हालात तब हैं जब शहर में महिला डीएम की तैनाती है और महिलाओं को लेकर डीएम साहिबा काफी सजग हैं।
कुछ समय पहले ही जिला अस्पताल में एक महिला मरीज से अभद्रता पर उन्होंने एक वार्ड ब्वॉय को पुलिस के हवाले करवा दिया था।महिला अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट हुए छह महीने से अधिक हो गए हैं लेकिन नए भवन में व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आई है। हर रोज मरीजों को यहां परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है।
अस्पताल की सबसे बड़ी समस्या लिफ्ट शुरू न होने की है क्योंकि चार मंजिला बिल्डिंग में टॉप फ्लोर तक जाने में गर्भवती महिलाओं को खासी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। दरअसल, अस्पताल प्रबंधन ने शासन से दो लिफ्टमैन की नियुक्ति करने की मांग की थी लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा अस्थाई लिफ्टमैन की व्यवस्था की गई थी लेकिन उसने भी आना बंद कर दिया है, जिसके कारण लिफ्ट बंद पड़ी है। अस्पताल में ओपीडी ग्राउंड फ्लोर पर है लेकिन पैथोलॉजी के ऊपरी मंजिल पर होने से गर्भवती महिलाओं को खून की जांच के लिए रैंप या सीढ़ी से जाना पड़ता है। अस्पताल में रोजाना चेकअप के लिए करीब 300 से अधिक गर्भवती महिलाएं आती हैं।
इनमें से रोजाना 40-50 महिलाओं की एनीमिया सहित एचआईवी की जांच रोजाना होती है। इनमें से कई गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर सीढ़ियां चढ़ने या भारी वजन उठाने से मना करते हैं लेकिन यह महिलाएं अपने गर्भ को खतरे में डालकर महिला अस्पताल में सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर हैं।
अस्पताल की सीएमएस डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि लिफ्ट का संचालन जल्द से जल्द किया जाएगा, जिसके लिए जल्द ही किसी एक व्यक्ति की तैनाती की जाएगी।