बाइक पूल कर कलेक्ट्रेट पहुंचे जिलाधिकारी
गाजियाबाद। पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के बीच उत्पन्न हुए ईंधन के संकट को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था बदलाव की राह पर है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील के बाद गाजियाबाद प्रशासन ने खुद को केवल निर्देश जारी करने तक सीमित नहीं रखा। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बाइक से कलक्ट्रेट पहुंचकर संदेश दिया कि देशहित में बदलाव की शुरुआत व्यवस्था से ही होनी चाहिए।
शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी के बाइक से कलक्ट्रेट पहुंचने की चर्चा पूरे परिसर में रही। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक में स्पष्ट कहा कि जब सरकार और प्रशासन जनता से ईंधन बचाने की अपील कर रहे हैं, तब सबसे पहले जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को उदाहरण पेश करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने, छोटी दूरी के लिए वैकल्पिक साधनों का प्रयोग करने और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने आमजन से भी यही अपील की है।
लागू किया जा सकता है वर्क फ्राॅम होम
प्रशासन अब कार्यालयी कार्यशैली में भी बदलाव की तैयारी कर रहा है। बड़े मामलों को छोड़कर बैठकों को ऑनलाइन करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि अनावश्यक आवाजाही कम हो सके। दिल्ली में सरकारी दफ्तरों में दो दिन वर्क फ्राॅम की घोषणा के बाद गाजियाबाद में भी सप्ताह में एक या दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की संभावना तलाशी जा रही है। आने वाले कुछ दिनों में यह व्यवस्था लागू हो सकती है। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि शासन स्तर से निर्देश मिलते हैं तो प्रशासन इस व्यवस्था के लिए तैयार है। अभी अकारण छोटे मामलों में स्टाफ को दूर से न बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करने के लिए विभागों से होगा संवाद
मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में गाजियाबाद प्रशासन का लोगों व कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करने के लिए कहना एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है। हालांकि, शहर में सार्वजनिक परिवहन की सीमित व्यवस्था अभी बड़ी चुनौती बनी हुई है। दिल्ली से जुड़े मेट्रो और नमो भारत कॉरिडोर को छोड़ दें तो शहर के अधिकांश हिस्सों में लोगों की निर्भरता निजी वाहनों पर ही है। ई-बसों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले कम मानी जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए संबंधित विभागों से संवाद किया जाएगा। सदर विधायक संजीव शर्मा ने भी ई-बसों की संख्या बढ़ाने के लिए नगर निगम को पत्र लिखने की बात कही है।